कलेक्टर बाबू ने अमल शुरू किया तो पसीना सुरक्षा में तैनात जवानों का निकल गया। अब भैया अफ़सर हैं। सब कुछ हो लेकिन शान न घटे। तभी तो खुद लपक लिए साइकल पर और सुरक्षाकर्मियों की आफत हो गई। यह वीजूल्स हर शनिवार को दिखेगा क्योंकि साहब में इसी दिन को साइकल से दफ्तर जाना तय किया है। कलेक्टर साहब बिहार के कटिहार जिले में पदस्थ है और नाम है उदयन मिश्रा। चलिए वैसे कलेक्टर बाबू का फैसला एक तरह से ठीक है लेकिन प्रभु..आप जो करो वो बढ़िया ...कम से कम जवानों पर तो रहम करो या फिर दो साइकल और दिलवा दो...ताकि आपकी शान भी बरकरार रहे और जवानों को दिक्कत भी न हो