रंग बदलने को लेकर भले ही जीव जंतु बदनाम हो लेकिन नेताओं की टक्कर में दूर तलक कोई नही। तभी तो महंगाई, भ्रष्ट्राचार के मुद्दों को सत्ता की सीढ़ी चढ़ने वाले मंत्री साहब के बोल सुनिए…

कोफ्त तो छोड़िए.. दिमाग का पारा कूदने लगेगा। आशा भी छूट जाएगी कि आगे कुछ अच्छा होगा यानी कि महंगाई से राहत के नाम पर आपके हाथ सिर्फ नमक ही लगेगा जो जख्मों को और जला दे।

मध्यप्रदेश सरकार में सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया 2014 से पहले महंगाई को लेकर खूब गला फाड़ते देखा लेकिन अब वो तान लगाई कि सुनकर आम जनता भी भौंचक रह जाए।

यहां मौका मिला तो विपक्ष ने मंत्री जी को घेर डाला। बेतुका बयान करार देकर मंत्री महोदय को सरकार के नगीने की उपाधि पकड़ा दी। दरअसल मिलती जीत से लगता है भाजपा बेफिक्र हो चली है तभी तो जनता की पीडा का अहसास तक नही।

ख़ैर मंत्री जी सत्ता के आंगन में खड़े होकर अभी खूब कुलांचे मार लीजिए...जनता तो पिसने की आदी हो चुकी