Cartage Coding: हर बुलेट पर लिखा है चलाने वाले का नाम
जी हां अब सूबे में चलने वाली हर बुलेट का अपना एक नाम होगा| इसकी शुरुआत होगी लंबे समय से अपराधों के लिए बदनाम रहे भिंड जिले से। यहां अक्सर मामूली सी बातों पर गोली चल जाती हैं।
जहां 24 हजार से ज्यादा आर्म लाइसेंस हैं और उससे कई ज्यादा अवैध हथियार जिले में पाए जाते हैं, इस भिंड जिले में पुलिस अधीक्षक ने क्राइम कंट्रोल के लिए अनोखी पहल की है अब भिण्ड जिले में बिकने वाली बंदूक की हर बुलेट पर QR Code प्रिंट होगा जिससे काफी हद तक अपराधों पर लगाम लग सकेगी।
दरअसल पहली बार ऐसा हो रहा है कि दुनिया मे किसी जगह बंदूक के कारतूस की मार्किंग की जा रही है जिसमें खरीददार का नाम और उनके लाइसेंस और खरीदारी की तारीख जैसी जानकारियां प्रिंट होंगी, एसपी का मानना है कि जब भी कोई आपराधिक घटनाक्रम होता है, खासकर फायरिंग के द्वारा घटना की जाती है तो यह पता नहीं चलता कि आरोपी कौन है यह बुलेट कहां से खरीदी गई लेकिन इस नई व्यवस्था से काफी हद तक अपराधों पर लगाम कसेगी क्योंकि कहीं भी कोई भी व्यक्ति अब किसी भी आर्म डीलर से भिंड जिले में अगर बंदूक के लिए गोलियां खरीदता है, तो कारतूस पर मौजूद क्यूआर कोड में उसकी जानकारी फीड होगी, ऐसे में घटना स्थल पर मिलने वाली बुलेट से अपराधी तक आसानी से पहुँचा जा सकेगा।