ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि इजराइल के सैन्य और डिफेंस फैसिलिटी को निशाना बनाया गया है। यह सॉलिड फ्यूल वाली स्ट्रैटेजिक मिसाइल है, जो 2000-2500 किलोमीटर तक हमला कर सकती है।
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कल कहा कि ईरान ने न तो युद्धविराम की मांग की है और न ही अमेरिका से बातचीत की कोशिश की है। जब तक जरूरत होगी ईरान खुद की रक्षा करता रहेगा।
एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ईरान इस संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है। जब तक ट्रम्प यह नहीं मान लेते कि यह गैरकानूनी युद्ध है, तब तक ईरान जवाब देता रहेगा।
जंग के बीच यूएई में 19 भारतीय गिरफ्तार, फेक न्यूज फैलाने का आरोप
जंग के बीच वअए ने 35 लोगों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया, जिनमें 19 भारतीय हैं। इन पर सोशल मीडिया पर फेक वीडियो और जानकारी फैलाने का आरोप है। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स ने बताया कि यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी के बाद उठाया गया है, ताकि झूठी जानकारी फैलाकर अशांति या डर फैलाने से रोका जा सके।
ट्रम्प बोले- अमेरिकी मीडिया और ईरान फेक न्यूज फैला रहा
ट्रम्प ने ईरान युद्ध की रिपोर्टिंग को लेकर अमेरिकी मीडिया पर तीखा हमला किया है। उन्होंने गलत जानकारी फैलाने वाले मीडिया संस्थानों पर देशद्रोह का मामला चलाने की मांग की है। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि अमेरिकी मीडिया को ईरान प्रभावित कर रहा है और ईरान अक का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैला रहा है।
उन्होंने कहा कि ईरान और फेक न्यूज मीडिया मिलकर यह दिखा रहे हैं कि अमेरिका का बड़ा युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन समुद्र में जल रहा है। ट्रम्प के मुताबिक न तो उस जहाज में आग लगी थी और न ही उस पर कोई हमला हुआ था। ट्रम्प ने कहा कि यह खबर जानबूझकर फैलाया गया झूठ था और ऐसी खबर बनाने वाले मीडिया संस्थानों पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए।
ईरान का दावा- हथियारों का भंडार सुरक्षित, कई उन्नत हथियार अभी इस्तेमाल नहीं किए
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा है कि संगठन के पास मौजूद अधिकांश हथियारों का भंडार अभी भी सुरक्षित है। उनके मुताबिक अधिक उन्नत हथियारों को अभी रिजर्व में रखा गया है। नैनी के अनुसार, अभी जो मिसाइलें इस्तेमाल की जा रही हैं, वे करीब एक दशक पहले की तकनीक की हैं।
उन्होंने कहा कि 12 दिन के युद्ध के बाद से लेकर अब तक जो कई नई मिसाइलें तैयार की गई हैं, उन्हें अभी तक तैनात नहीं किया गया है।
पुराण डेस्क