सीजफायर पर शरीफ-मुनीर को नोबेल की मांग, पाकिस्तान और इजराइल में बढ़ा टकराव


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स्टोरी हाइलाइट्स

जियो न्यूज के मुताबिक विधायक राणा मुहम्मद अरशद ने प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के नेताओं की मध्यस्थता से ही अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर हो पाया और इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता का रास्ता तैयार हुआ..!!

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर में मध्यस्थ की भूमिका को लेकर पाकिस्तान की पंजाब असेंबली में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उपप्रधानमंत्री इशाक डार को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। जियो न्यूज के मुताबिक विधायक राणा मुहम्मद अरशद ने प्रस्ताव पेश किया। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के नेताओं की मध्यस्थता से ही अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर हो पाया और इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता का रास्ता तैयार हुआ।

वहीं अमेरिका-ईरान शांति बातचीत से पहले इजराइल और पाकिस्तान के बीच विवाद बढ़ गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इजराइल पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया। ख्वाजा आसिफ ने कहा- इजराइल बुराई का प्रतीक है और मानवता के लिए अभिशाप है। इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, वहीं लेबनान में नरसंहार हो रहा है। इजराइल निर्दोष नागरिकों को मार रहा है, पहले गाजा में, फिर ईरान में और अब लेबनान में। मेरी दुआ है कि जिन लोगों ने इस देश को बनाया वे नरक में जलें।

इजराइल के प्रधानमंत्री ऑफिस ने आसिफ के बयान को आपत्तिजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह बयान इजराइल को खत्म करने की मांग जैसा है। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता, खासकर उस देश से जो खुद को शांति वार्ता का मध्यस्थ बता रहा हो। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को सीजफायर को लेकर अहम बातचीत होने वाली है। रॉयटर्स के मुताबिक यह वार्ता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी।

अमेरिकी डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंचेगा

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शनिवार को इस्लामाबाद के आलीशान होटल सेरेना में होगी। इसके लिए अमेरिकी डेलिगेशन आज यानी शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचेगा, जबकि ईरानी डेलिगेशन पहले ही पहुंच चुका है। इस बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस टीम का नेतृत्व करेंगे। ईरानी मीडिया के अनुसार संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ अपने देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।

लेबनान बोला- इजराइल के तरफ से बातचीत का निमंत्रण नहीं मिला

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश लेबनान के साथ सीधे बातचीत करना चाहता है। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य मुद्दा हिजबुल्लाह के हथियार डलवाना और दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना होगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल कोई सीजफायर लागू नहीं है। वहीं लेबनान के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक बातचीत के लिए कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। लेबनान की तरफ से यह भी कहा गया है कि गोलीबारी के बीच कोई बातचीत नहीं होगी। यानी जब तक सीजफायर नहीं होता, तब तक बातचीत संभव नहीं है।