चुनाव आयोग ने रविवार को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा। इन 5 राज्यों में इस बार कुल 17.4 करोड़ मतदाता हैं और कुल 824 सीटों पर वोटिंग होनी है।
20 से ज्यादा देश देखेंगे चुनावी प्रक्रिया
बता दें कि 17.4 करोड़ मतदाता, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों की कुल आबादी के बराबर हैं. इस बार 20 से ज्यादा देशों के चुनाव आयोगों से आए मेहमान चुनाव देखने के लिए यहां आ रहे है।
कहां कितनाी कितनी सीट
पश्चिम बंगाल 294
तमिलनाडु-234
असम-126
केरल- 140
पुडुचेरी-30
इस बार क्या अलग
2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। असम में 3 और तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में सिंगल फेज में वोटिंग हुई थी। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून में खत्म हो रहा है।
4 राज्यों में एसआईआर तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे
जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें एसआईआर के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली एसआईआर में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम एसआईआर प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन कराया गया था।
6 विधानसभा सीटों पर उपचनुाव का भी ऐलान
निर्वाचन आयोग ने छह राज्यों की आठ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव भी ऐलान कर दिया। इस सीटों में सबसे अहम सीट महाराष्ट्र की बारामती सीट है। गोवा, कर्नाटक, नागालैंड, त्रिपुरा में नौ अप्रैल को वोटिग होगी, जबकि गुजरात और महाराष्ट्र को 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। इन राज्यों में भी 4 मई को मतगणना होगी।
पुराण डेस्क