शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील अंर्तगत आने वाला पडोरा स्थित सायलो केंद्र। जहां सरकार द्वारा हज़ारों टन गेहूं खरीद कर सुरक्षित भंडारण की मंशा से रखा गया। सायलो का संचालन पनामा नाम की एक कंपनी के हाथों में हैं, जो कि किराए के नाम पर सरकार से एक मोटा धन बसूलती है।
अनाज को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी इसी कंपनी की थी लेकिन उफ्फ़ लापरवाही देखिए कि हजारों टन रखा गेहूं सड़ गया। वजह उचित भंडारण का अभाव एवं लो क्वालिटी के बैग्स का इस्तेमाल किया जाना परिणाम पानी लगने के चलते गेहूं सड़ गया। या फिर यह भी आरोप है कि सड़ा दिया गया,जो कि शराब डिस्टलरी को उपलब्ध कराने की मंशा से किया गया।
सड़े गेहूं को छुपाने के लिए उसी क्षेत्र में दफन धड़ल्ले से किया जा रहा है। आरोप है कि सड़े गेहूं के स्थान पर मिट्टी को मिलाकर वजन की पूर्ति की जा रही है। सड़ते अनाज की बदबू से क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
जब खबर आम हुई तो वरिष्ठ पत्रकार लक्ष्मण सिंह रावत सहित अन्य लोग सक्रिय हुए। शिकायत लेकर अफसरान तक पहुंचे लेकिन सुनवाई...शून्य। न तो अफ़सर सुनने को तैयार हैं और न ही जन प्रतिनिधि मुद्दे को लेकर गंभीर। सायलो तक पहुंचने की पाबंदी भी लगा दी गई है।
मुद्दा अनाज से जुड़ा है। मुद्दा भूख से जुड़ा है। ज़ाहिर है कि गभीरता से जांच होना आवश्यक है। यकीन जानिए पोल खुलेगी तो एक बड़ा खुलासा होगा और कई सफेदपोश जेल की सीखचों के पीछे बैठकर देश के साथ गद्दारी की सजा से बच नही पाएंगे।