सबको माफ करते हुए... सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ, हरीश के दो लाइफ सपोर्ट के प्रमुख पाइप हटाए गए


स्टोरी हाइलाइट्स

एम्स के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती हरीश राणा के लाइफ सपोर्ट से जुड़े दो प्रमुख पाइप हटा दिए गए हैं..!!

देश में पहली बार इच्छामृत्यु की प्रक्रिया के तहत एम्स में भर्ती हरीश राणा के लाइफ सपोर्ट सिस्टम को धीरे-धीरे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि एम्स के इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में भर्ती हरीश राणा के लाइफ सपोर्ट से जुड़े दो प्रमुख पाइप हटा दिए गए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर हरीश का एक वीडियो वायरल है। इसमें एक महिला उनके माथे पर चंदन का तिलक लगाती है। उस पल हरीश के चेहरे पर सालों की पीड़ा झलकती है, मगर साथ ही ऐसा भी लगता है जैसे उन्हें यह एहसास हो कि अब लंबे समय से सह रहे दर्द से मुक्ति मिलने वाली है। महिला हरीश का सिर सहलाते हुए कहती हैं कि सबको माफ करते हुए…सबसे माफी मांगते हुए अब जाओ। इस दृश्य ने सोशल मीडिया पर कई लोगों को भावुक कर दिया है।

निश्चित समय सीमा तय नहीं 

सूत्रों का कहना है कि लाइफ सपोर्ट के कुछ उपकरण हटाए जाने के बाद अब आगे की स्थिति हरीश राणा के शरीर की प्रतिक्रिया और चिकित्सकीय स्थिति पर निर्भर करेगी। डॉक्टरों का मानना है कि निष्क्रिय इच्छामृत्यु की यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो सकती है, हालांकि इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दी है कानूनी मंजूरी 

गौरतलब है कि निष्क्रिय इच्छामृत्यु के तहत मरीज को जीवनरक्षक उपकरणों पर कृत्रिम रूप से जिंदा रखने वाली चिकित्सा सहायता धीरे-धीरे हटाई जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तों के साथ इस प्रक्रिया को कानूनी मंजूरी दी हुई है, जिसके तहत मरीज की स्थिति, परिवार की सहमति और मेडिकल बोर्ड की अनुमति अनिवार्य होती है। एम्स में चल रही यह प्रक्रिया देश में निष्क्रिय इच्छामृत्यु के मामलों को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल के तौर पर देखी जा रही है। अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकीय टीम पूरे मामले को संवेदनशीलता और सावधानी के साथ संभाल रही है।