50 लाख रुपये के गोल्ड प्लेटेट चांदी के पदक नकली निकले, सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर


Image Credit : X

स्टोरी हाइलाइट्स

पदक नकली मिलने पर सीबीआई भोपाल ने मेसर्स वायबल डायमंड्स 111 कृष्णा लीला कॉम्प्लेक्स 66 बड़ा सराफा इंदौर एवं अज्ञात रेल्वे अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की है..!!

भोपाल: भोपाल के रेल्वे कोच जनरल स्टोर डिपो में 49 लाख 68 हजार 627 रुपये के मूल्य के 3 हजार 631 सोने की परत वाले चांदी के पदक नकली मिलने पर सीबीआई भोपाल ने मेसर्स वायबल डायमंड्स 111 कृष्णा लीला कॉम्प्लेक्स 66 बड़ा सराफा इंदौर एवं अज्ञात रेल्वे अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की है।

यह है मामला :

मेसर्स वायबल डायमंड्स इंदौर के निदेशक विपुल जैन एवं वेस्टर्न सेन्ट्रल रेल्वे जबलपुर के बीच सोने की परत वाले चांदी के पदक (गोल्ड-प्लेटेड सिल्वर मेडल्स) की आपूर्ति के लिए एक समझौता किया गया था। 23 जनवरी 2023 को खरीद आदेश जारी किया गया। सामग्री का निरीक्षण रेल्वे के इंजीनियर अनुज कुमार वर्मा द्वारा 18 सितम्बर 2023 और 3 अक्टूबर 2023 को किया गया और 12 अक्टूबर 2023 की परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार नमूनों का परीक्षण किया गया, इस रिपोर्ट में यह दर्शाया गया था कि सामग्री विनिर्देशों के अनुरूप है और उसमें चांदी की शुद्धता 99.90 प्रतिशत है। इसके बाद 3 हजार 631 पदकों की सामग्री 19 अक्टूबर 2023 को रेल्वे कोच जनरल स्टोर डिपो भोपाल में प्राप्त हुई  और आधिकारिक अभिरक्षा में रही। 

रेल्वे के अधिकारियों द्वारा प्रयोगशाला परीक्षण के दौरान 9 पदकों का उपयोग किया गया था। इसके बाद, 12 सितम्बर 2025 को वेस्टर्न सेंट्रल रेलवे जबलपुर के सतर्कता अधिकारियों द्वारा की गई सतर्कता जांच के परिणामस्वरूप नए नमूने लिए गए। इन नमूनों का परीक्षण मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला श्रीराम टेस्टिंग लेबोरेटरी नोएडा और सरकारी प्रयोगशाला नेशनल टेस्टिंग हाऊस कोलकाता में किया गया। जांच के परिणामों से पता चला कि आपूर्ति की गई वस्तुएं खरीद आदेश के विनिर्देशों के अनुरूप नहीं थीं। पदकों में चांदी की जो मात्रा बताई गई थी, उसमें गोल्ड प्लेटेड मेडल में सोने की मात्रा केवल 0.0023 प्रतिशत थी, जबकि तांबे की मात्रा 99.80 प्रतिशत पाई गई। इससे प्रथम दृष्टया आरोपों की पुष्टि हुई। जिस पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की।