राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की जगह कौन लेगा? इस सवाल का जवाब आज सबके सामने होगा। इसके लिए दो उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। सत्तारूढ़ दल (NDA) की तरफ़ से द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं। इसके साथ ही विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है।

संसद परिसर के मुख्य भवन में सुबह 11 बजे से मतगणना (काउंटिंग) शुरू हो गई है। इसके लिए भवन के प्रथम तल पर कमरा क्रमांक 63 आवंटित किया गया है। राष्ट्रपति चुनाव में मतगणना का एक निश्चित तरीका होता है। आइए जानते हैं इसके बारे में..!

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सबसे पहले वोटों की रैंकिंग की जाती है। फिर राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर, राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी इन मतपत्रों का सत्यापन करेंगे। बैलेट पेपर के ज़रिये विधायक और सांसद अपनी पसंद के उम्मीदवारों को वोट देते हैं। इसके लिए सांसद हरे रंग के पेन का इस्तेमाल करते हैं। तो वहीं इसके विपरीत विधायक गुलाबी पेन का इस्तेमाल करते हैं। इस प्रकार सबसे पहले द्रौपदी मुर्मू और यशवंत सिन्हा के पक्ष में डाले गए वोट अलग हो जाएंगे।

दो अलग-अलग ट्रे रहेगी मौजूद-

मतगणना के लिए दो अलग-अलग ट्रे रखी गई हैं। इनमें से एक एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के लिए है। तो वहीं दूसरी विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के लिए है।

सांसदों और विधायकों के मतपत्रों की सबसे पहले छंटनी की जाएगी। उसके बाद जिस बैलेट पेपर में मुर्मू का नाम होगा, उसे उनकी ट्रे में रखा जाएगा। ठीक इसी तरह यशवंत सिन्हा का नाम आने पर उसे उनकी ट्रे में रखा जाएगा। एक-एक विधायक और सांसद के वोट की कीमत पहले से ही फ़िक्स होती है। एक सांसद का वोट 700 के बराबर होता है। तो वहीं एक विधायक के वोट का मूल्य उसके राज्य की जनसंख्या पर निर्भर करता है।

वोटों की गिनती के साथ जल्द आएंगे रुज़ान-

पहले मतपत्रों को छांटने के बाद ही मतों की गिनती की जाती है। संसद में कमरा नंबर 73 के बाहर मीडिया स्टैंड बनाया गया है। मतगणना शुरू होते ही रुझान की जानकारी दी जाएगी। राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे शाम तक घोषित होने की उम्मीद है।