रायसेन: रायसेन के दशहरे मैदान में शुक्रवार शाम को उन्नत कृषि महोत्सव के तहत कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदर्शनी परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉल और डेमोंस्ट्रेशन क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। शनिवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव भी कृषि मेले में शामिल हुए।
यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का कृषि महोत्सव 11 से 13 अप्रैल तक चलेगा। इसमें किसानों को "बीज से बाजार तक" कृषि से जुड़े समग्र समाधान एक ही मंच पर उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदर्शनी में लगभग 300 स्टॉल लगाए गए हैं।
इन स्टॉलों पर कृषि, बागवानी, सिंचाई, उर्वरक, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल कृषि और फसल बीमा से जुड़ी नवीनतम तकनीकें और मॉडल प्रस्तुत किए जाएंगे।
ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन भी होगा
महोत्सव में आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक और सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का लाइव प्रदर्शन भी होगा। इसका उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों को सीधे समझने और उन्हें अपने खेतों में अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
विभिन्न कृषि स्टार्टअप, कंपनियां और संस्थान भी अपने नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे
इस प्रदर्शनी में कृषि विज्ञान केंद्र, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, नाबार्ड, नेफेड, पशुपालन और मत्स्य पालन विभाग सहित कई प्रमुख संस्थानों की भागीदारी रहेगी। किसान उत्पादक संगठन और टरटए से जुड़े उद्यम भी अपने सफल मॉडल प्रस्तुत करेंगे।
पूरे आयोजन स्थल को तीन बड़े हैंगरों में विभाजित किया गया है। पहले हैंगर में कृषि यंत्र, सिंचाई, बीज और नवाचार से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं।
तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे
दूसरे हैंगर में पशुपालन, डेयरी, सहकारी संस्थाएं और ग्रामीण विकास से जुड़े विभाग शामिल हैं। तीसरे हैंगर में उद्घाटन कार्यक्रम, तकनीकी सत्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रदर्शनी में किसानों के लिए वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और नीति निमार्ताओं से सीधे संवाद की व्यवस्था भी की गई है। इससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार व्यावहारिक समाधान मिल सकेंगे। यह आयोजन किसानों के लिए एक ‘वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म’ साबित होगा, जहां उन्हें आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ खेती के सभी पहलुओं की जानकारी एक ही जगह पर मिल सकेगी।
पुराण डेस्क