यहाँ कमलनाथ साफ्ट हिन्दुत्व की वकालात करते रह गए और वहां कांग्रेस ..इमरान की हो गई| तुष्टिकरण वाले अपने पुराने और बेअसर हो चले हथकंडे के आगे .. पार्टी आलाकमान कुछ सोच ही न पाया| अब इस फैसले के पीछे तुष्टिकरण के अलावा कांग्रेस की क्या रणनीति खुदा जाने .. लेकिन फ़िलहाल तो अपने ही जल भुन गए जनेऊधारी राहुल को महज चंद साल पहले पार्टी से जुड़े..इमरान प्रताप गढ़ी इतने भाए, कि सालों से पार्टी के पक्ष में हुंकार भर रहे पवन खेडा,नगमा जैसे कई अन्य नेताओं को एक ही झटके में किनारे लगा दिया गया| उत्तरप्रदेश के,यह वो इमरान... जो मुनव्वर राणा की तरह अक्सर अपनी तीखी शेरो शायरी के चलते चर्चा में बने रहते हैं| योगी के खिलाफ हमेशा मुखर रहने वाले इमरान कुछ साल पहले ही कांग्रेस से चिपके | पार्टी की मेहरबानी देखिए कि अल्पसंख्य विभाग के चेयरमेन बनाया गया और होले से राज्यसभा की सीढ़ी चढा दिया गया|