बस कुछ ही क्षण में पी जाता है सोने का वर्क


चौंकिए मत ..यह विचित्र है लेकिन है सौ फीसदी सच | भोले भंडारी के अनेक रूपों के दर्शन तो आपने किए होंगे| लेकिन यह रूप आपको चकित कर देगा| यहाँ भोले ... भांग या धतूरा नही बल्कि चमत्कारिक रूप से स्वर्ण का भक्षण करते हैं| और यह सिर्फ कोरा दावा नहीं है बल्कि इस प्रक्रिया को आँखों से देखा भी जा सकता है|


बाबा महाकाल और हरसिद्धि मंदिर के ठीक पास बने इस मंदिर में ढाई टन वजनी पारद शिवलिंग स्थापित है| कहा जाता है कि, जिसके दर्शन मात्र से ही समस्त पाप नष्ट होते हैं और मन को स्थिरता व शांति प्राप्त होती है। देश-विदेश से भक्त पारदेश्वर महादेव के एक झलक के लिए जुटते हैं ।

सिद्धाश्रम के प्रमुख शक्तिपाताचार्य  स्वामी नारदानंदजी महाराज| स्वामी जी को ध्यान के दौरान पारे से जुड़ा विचार कौंधा और बस शोधकार्य में जुट गए| जगत कल्याण के लिए गहराईसे अध्धयन करते हुए पारा बंधन करने में सफलता प्राप्त की|
 

ढाई टन  ... लगभग 25 क्विंटल वजनी पारद शिवलिंग की स्थापना 2004 में हुई। तभी से शिवलिंग को स्वर्ण भक्षण कराने का क्रम ज़ारी हैं| तय समय के अनुसार प्रतिदिन सुबह आरती सम्पन्न होती है| मंत्रोचार के साथ शिवलिंग पर सोने का वर्क रखा जाता है, जो आरती के दौरान देखते ही देखते गायब हो जाता है। यानी यह शिवलिंग सोने के उस वर्क का भक्षण कर लेता है। स्वामी जी के अनुसार यह सिलसिला सालों साल चलता रहेगा, एक दिन ऐसा आएगा जब यह स्वर्ण पान करना बंद कर देगा। उस दिन यह शिवलिंग पारद से पारस का बन जाएगा, अर्थात पूरा स्वर्णिम हो जाएगा।

पारद शिवलिंग की पूजा अर्चना का बहुत महत्व होता है| पारद,  संसार का आधारभूत तत्व है| इसीलिए धर्म,अर्थ,काम और मोक्ष प्राप्ति का मूलभूत साधन भी है| मान्यता है कि, घर में पारद निर्मित प्रतिमा स्थापित करके पूजन एवं साधना की जाती है तो धन्य धान्य की कमी नही होती है| साथ ही सारा वातावरण आध्यात्ममय बन जाता है| पारद धातु अपने आप में पूर्णता का प्रतीक है| पारद का आयुर्वेद के अलावा तंत्र जगत में भी बहुत उपयोग है|

कहतें हैं कि पारद शिवलिंग के दर्शन सौभाग्य से ही प्राप्त होते हैं| अब यदि आप भी उज्जैन का रुख कर रहें हैं| तो सिद्ध आश्रम स्थित साक्षात पारदेश्वर महादेव के अद्भुत दर्शन ज़रूर कीजिएगा| यकीन जानिए  ... सिर्फ दर्शन मात्र से ही आपके जीवन में सुखद अनुभूति का अहसास होगा|