भोपाल: राज्य सरकार ने नगरीय प्रशासन विभाग के माध्यम से नये एकीकृत टाउनशिप नियम 2026 प्रभावशील कर दिये हैं तथा इसके तहत टाउनशिप में 15 प्रतिशत आवास कमजोर वर्ग के लिये बनाना अनिवार्य होगा। इससे पूर्व 15 साल पहले बने मप्र विशेष परियोजना एव टाउनशिप विकास, विनियमन एवं नियंत्रण नियम 2011 निरस्त कर दिये गये हैं।
नये नियमों के अनुसार, 5 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों में न्यूनतम 10 हैक्टेयर और 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में न्यूनतम 20 हैक्टेयर भूमि पर ये टाउनशिप बन सकेंगी। वन, जल निकाय, रक्षा संपदा, छावनी बोर्ड, खदान, पुरातत्व स्थलों, रेल्वे की भूमि पर ये टाउनशिप नहीं बन सकेंगी। टाउनशिप बनाने के लिये डेवलपर को 50 हजार रुपये शुल्क देकर अपना पंजीयन कराना होगा तथा 5 साल बाद 25 हजार रुपये देकर वह इसका नवीनीकरण भी करा सकेगा। उसका लायसेंस पूरे मप्र के लिये रहेगा। टाउनशिप के लिये डेवलपर को 80 प्रतिशत भूमि की व्यवस्था स्वयं से करनी होगी तथा शेष भूमि राज्य शासन द्वारा आवंटन या अधिग्रहण या पारस्परिक सहमति से उपलब्ध कराई जा सकेगी। ग्रीन एरिया और गैर पारम्पकि ऊर्जा स्रोत बनाने पर अतिरिक्त एफएआर दिया जायेगा। डेवलपर को विकास प्रोत्साहन भी दिया जायेगा।
डॉ. नवीन आनंद जोशी