भोपाल: राज्य सरकार ने ऑनलाईन शासकीय भुगतान के असफल होने पर नवीन व्यवस्था करते हुये प्रावधान किया है कि असफल भुगतान की सूचना कारण सहित संबंधित डीडीओ एवं लाभार्थी को देनी होगी जिससे वे आगे की कार्यवाही कर सकें। इसके अलावा, असफल ई-भुगतान की राशि 60 दिनों के लिये लोक लेखा शीर्ष में जमा रहेगी तथा इस समयावधि में डीडीओ पुनर्भुगतान की कार्यवाही करेंगे।
बैंक खाते में असफल ई-भुगतान सात मुख्य कारण चिन्हित किये गये हैं: हितग्राही के खाते में मेपिंग आधार से नहीं होना, तिग्राही का आधार/खाता निष्क्रिय होना, खाता अरुध्द/बंद होना, खाता नंबर/आईएफएससी कोड गलत दर्ज होना, खाते का ईकेवासी न होना, खाते में लिमिट का वेलीडेशन लगा होना तथा हितग्राही का नाम गलत अंकित होना।
इसी प्रकार, सायबर कोषालय में असफल भुगतान के छह मुख्य कारण चिन्हित किये गये हैं : खाते में पैसे न होना, ओटीपी न आना, सर्वर/कनेक्टिविटी का कम या ज्यादा होना, समय सीमा पर ट्रांजेक्शन का पूरा न होना और टाइम आउट होना, गलत जानकारी प्रविष्ट करना तथा खाते में होल्ड लगा होना। असफल भुगतान कम करने के लिये डीडीओ से कहा गया है कि वे हितग्राही से आधार की जानकारी एवं बैंक में दर्ज आधार की पुष्टि प्राप्त करें, आधार से भुगतान के संबंध में लाभार्थी से सहमति पत्र लें, पेमेंट डिटेल में सही आधार नंबर दर्ज करें एवं मॉड ऑफ पेमेंट में आधार का चयन करें तथा बैंक खाते में अनिवार्य रुप से आधार सीडिंग करायें।
डॉ. नवीन आनंद जोशी