अब कारखानों के नियोजकों से 30 के बजाये 50 रुपये वसूले जायेंगे


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स्टोरी हाइलाइट्स

यह राशि राज्य श्रम कल्याण मंडल जोकि श्रमिकों के लिये विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनायें संचालित करता है, की निधि के लिये वसूले जायेंगे..!!

भोपाल: अब प्रदेश के कारखानों में कार्यरत और रजिस्टर में दर्ज मजदूरों की संख्या के हिसाब से नियोजकों से प्रत्येक छह मास में प्रति मजदूर 30 रुपये के बजाये 50 रुपये वसूले जायेंगे। यह राशि राज्य श्रम कल्याण मंडल जोकि श्रमिकों के लिये विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनायें संचालित करता है, की निधि के लिये वसूले जायेंगे। 

इसके लिये राज्य सरकार ने 44 साल पुराने मप्र श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 में संशोधन कर उसे प्रभावशील कर दिया है। नये संशोधन के अनुसार, कारखाने के स्वामी के न्यूनतम अंशदान की भी राशि बढ़ाई गई है जोकि प्रत्येक छह मास में न्यूनतम डेढ़ हजार रुपये के स्थान पर ढाई हजार रुपये होगी। दरअसल उक्त अंशदान की राशि बढ़ाने का प्रस्ताव एक साल पहले 10 जनवरी 2025 को जारी किया गया था जिस पर आपत्ति एवं सुझाव मांगे गये थे। अब इन आपत्तियों एवं सुझावों का निराकरण कर अंशदान की राशि बढ़ा दी गई है। कारखाने के मजदूरों से प्रत्येक छह मास में 10 रुपये की राशि अंशदान के रुप में वसूलने का प्रावधान यथावत रखा गया है।