भोपाल: प्रदेश में सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन द्वारा दिव्यांगता का ऑनलाईन प्रमाण-पत्र बनाने में सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा जिससे इसका दुरुपयोग न हो सके। इसके निर्देश राज्य के सामाजिक न्याय विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को जारी किये हैं।
जारी निर्देश में कहा गया है कि दिव्यांगता का यूनिक डिसेबिलिटी आईडी पोर्टल से प्रमाण-पत्र जारी करने के लिये जिला अस्पतालों के सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन अधिकृत किये गये हैं।
अस्पताल के लॉग इन आईडी को हैकिंग एवं दुरुपयोग से रोकने हेतु वर्तमान में जो लॉग इन आईडी नान गवर्मेन्ट ईमेल डोमेन पर बने हैं उन्हें डिएक्टिव कर दिया जायेगा और लॉग इन केवल जीओवी डाट इन या एनआईसी डाट इन डोमेन ईमेल आईडी से स्वीकार होंगे। इसलिये पोर्टल पर लॉग इन आईडी अपडेट करें। इसके अलावा, सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन को पोर्टल पर अपनी ईकेवायसी कराना होगी और उन्हें ओटीपी हेतु अपना मोबाइल नंबर अपडेट करना होगा। पोर्टल से जारी दिव्यांगता के प्रमाण-पत्रों की नियमित समीक्षा भी करना होगी।
डॉ. नवीन आनंद जोशी