अब ग्रामीण क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के पुनर्निमाण की डीपीआर में सभी प्रकार की लागत शामिल करना होगी


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स्टोरी हाइलाइट्स

क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को ग्रामीण क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के निर्माण हेतु बनाई जाने वाली डीपीआर में सभी प्रकार की लागत शामिल करने के नये निर्देश जारी किये हैं..!!

भोपाल: राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत मप्र ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण के प्रमुख अभियंता एमएल डाबर ने अपने सभी क्षेत्रीय महाप्रबंधकों को ग्रामीण क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों के निर्माण हेतु बनाई जाने वाली डीपीआर में सभी प्रकार की लागत शामिल करने के नये निर्देश जारी किये हैं ताकि उक्त निर्माण में सभी दायत्विों के भुगतान में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो। 

निर्देश में कहा गया है कि डीपीआर बनाते वक्त इन बिन्दुओं को अनिवार्य रुप से शामिल किया जाये यथा ब्रिज निर्माण हेतु प्राक्कलित राशि मय प्रोटेक्शन, फर्नीचर आदि निर्माण की लागत, विद्युत/पोल शिफ्टिंग आदि की प्राक्कलित लागत, 5 वर्षों की संधारण राशि की लगत, अन्य यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्य की लागत, वन सहित अन्य विभागों को देय राशि की लागत, डीपीआर तैयार करने हेतु कंसल्टेंट को देय राशि की लागत, भूमि पूजन एवं शिलान्यास की राशि की लागत, परीक्षण पर होने वाले व्यय जैसे एसटीए/इम्पेनल्ड कंसल्टेंट पर होने वाले व्यय की लागत, सुपरविजन लागत, जीएसटी एवं अन्य कर की लागत तथा अन्य आवश्यक लागत। निर्देश में कहा गया है कि इन सभी लागतों को डीपीआर में शामिल कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण किया जाये।