भोपाल: प्रदेश के वनों में पदस्थ दस वन्यप्राणी चिकित्सकों की पदोन्नति समिति में अब वन विभाग के प्रमुख सचिव भी रहेंगे तथा समिति के सदस्यों में से पीसीसीएफ वन्यप्राणी को हटा दिया गया है। दरअसल पांच साल पहले मप्र वन्यप्राणी चिकित्सा सेवा राजपत्रित भर्ती नियम 2021 बनाये गये थे जिसमें वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम श्रेणी और कनिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी द्वितीय श्रेणी की पदोन्नति समिति में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या उसके प्रतिनिधि, वन बल प्रमुख, पीसीसीएफ वन्यप्राणी एवं एपीसीसीएफ प्रशासन-1 को ही सदस्य रखा गया था।
इसमें राज्य शासन का कोई प्रतिनिधि नहीं था। इस विसंगति को दूर करने के लिये उक्त पदों के व्यक्तियों को पदोन्नति देने के लिये डीपीसी में अब पीसीसीएफ वन्यप्राणी को हटाकर प्रमुख सचिव वन विभाग को सदस्य रखा गया है। वरिष्ठ वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी प्रथम श्रेणी के पद पर पदोन्नति देने के लिये डीपीसी में प्रमुख सचिव वन का सदस्य के रुप में तो रखा गया था लेकिन अब इसमें संशोधन कर अपर मुख्य सचिव वन कर दिया गया है। यानि अब उक्त चारों पदों पर पदोन्नति देने हेतु गठित पदोन्नति समिति में पीसीसीएफ वन्यप्राणी के स्थान पर अपर मुख्य सचिव वन सदस्य रहेंगे तथा शेष तीन सदस्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या उनका प्रतिनिधि, वन बल प्रमुख एवं पीसीसीएफ प्रशासन-1 रहेंगे।
डॉ. नवीन आनंद जोशी