बिहार में एक बार फिर से बड़ा राजनीतिक बवाल होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बीजेपी से गठबंधन तोड़कर राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन सरकार बनाने की तैयारी कर रहे हैं। पूरी स्क्रिप्ट बीजेपी को हिला देने के लिए लिखी गई है। जदयू और बीजेपी ने मिलकर 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था। 

बीजेपी ने कम सीटें जितने के बाद भी नीतीश कुमार को सीएम बनाया था। इसके बाद से ही कभी-कभी दोनों पक्षों में नाराजगी देखी जा रही थी। दोनों पार्टियों के नेता भी कई मुद्दों पर अलग-अलग बयान देते नज़र आ रहे थे। अब जदयू ने बीजेपी से अलग होने का फैसला कर लिया है। नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा भी सौंप दिया। उन्होंने राज्यपाल से मिलकर सीएम पद से इस्तीफ़ा दे दिया। साथ ही विधायकों का समर्थन प्राप्त पत्र भी राज्यपाल को सौप दिया है।  

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बिहार विधानसभा में नंबर गेम-

बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं। इनमें से एक सीट खाली है। फिलहाल राजद के पास सबसे ज्यादा 79 विधायक हैं। वहीं, बीजेपी के पास 77, जदयू के 45, कांग्रेस के 19, लेफ्ट के 16 विधायक हैं। जदयू राज्य की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है। 2020 में कम सीटों के बावजूद बीजेपी ने नीतीश कुमार को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। लेकिन अब चर्चा है कि नीतीश कुमार बीजेपी से गठबंधन तोड़कर राजद, कांग्रेस और लेफ्ट के साथ सरकार बना सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो महागठबंधन को आसानी से बहुमत मिल जाएगा। साथ ही भाजपा विपक्ष की भूमिका में चली जाएगी।