शीना बोरा हत्याकांड: सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी की जमानत मंजूर की, सगी बेटी की हत्या के मामले में 6.5 साल से जेल में हैं मां


स्टोरी हाइलाइट्स

इस मामले में 2015 में इंद्राणी को उनके तत्कालीन पति पीटर मुखर्जी और पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ उनकी बेटी शीना की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पीटर को 2020 में जमानत दे दी गई थी। 

 

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को शीना बोरा हत्याकांड में मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी को जमानत दे दी। इंद्राणी अपनी ही बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में पिछले साढ़े छह साल से जेल में हैं। शीर्ष अदालत ने जमानत देते हुए कहा कि 6.5 साल की जेल की अवधि बहुत लंबा समय है। इस मामले में 2015 में इंद्राणी को उनके तत्कालीन पति पीटर मुखर्जी और पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ उनकी बेटी शीना की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पीटर को 2020 में जमानत दे दी गई थी। 

बुधवार को इंद्राणी को जमानत देते हुए अदालत ने अपने आदेश में कहा—"इंद्राणी मुखर्जी 6.5 साल से हिरासत में हैं। यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है। हम मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। भले ही अभियोजन पक्ष द्वारा 50 प्रतिशत गवाहों को छोड़ दिया जाए, लेकिन मुकदमा नहीं चलेगा .. जल्द ही। उसे जमानत दी जाती है "

इंद्राणी को 2015 में उनके तत्कालीन पति पीटर मुखर्जी और उनके पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ उनकी बेटी शीना बोरा की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। नवंबर 2015 में पहली चार्जशीट दाखिल की गई और पीटर को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें 2020 में जमानत दे दी गई थी। सीबीआई ने दावा किया था कि जो अवशेष मिले हैं वे शीना के हैं और डीएनए सबूत ने इसे साबित कर दिया है।