उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के आयोजन को लेकर प्रशासनिक अमला मुस्तैद नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर गुरुवार सुबह संभागायुक्त और मेला अधिकारी आशीष सिंह और एडीजी राकेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में शीर्ष अधिकारियों ने सिंहस्थ के लिए विकसित की जा रही रेल सुविधाओं का निरीक्षण किया।
इस दौरान सिंहस्थ में बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए उज्जैन के अलावा पिंग्लेश्वर, पंवासा, नईखेड़ी , विक्रम नगर चिंतामणि, ताजपुर स्टेशनों पर निमार्णाधीन सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान यह तय हुआ कि पिंगलेश्वर मे भी हल्टिंग स्टेशन बनेगा और यात्रियों के सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं जुटाई जाएंगी।
इस दौरान डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा के साथ रेलवे अधिकारी एक स्पेशल सैलून में सवार होकर उज्जैन के निकटतम स्टेशनों पर किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे।
दूसरी ओर सिंहस्थ को लेकर पुलिस विभाग ने अब जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति लागू करना शुरू कर दिया है, ताकि आने वाले समय में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। पिछले सिंहस्थ के अनुभवों को आधार बनाकर इस बार अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
प्रशासन का फोकस इस बार केवल भीड़ नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और बेहतर समन्वय पर भी है। यही कारण है कि प्रारंभिक चरण में ही प्रशिक्षण और संसाधनों के विस्तार पर काम तेज कर दिया है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस बार केवल तैनाती नहीं, बल्कि पहले से प्रशिक्षित और तैयार बल को मैदान में उतारा जाएगा। ह्लट्रेनिंग आॅफ ट्रेनर्सह्व अभियान की शुरूआत उज्जैन से की गई है, जिसके तहत चयनित अधिकारी यहां प्रशिक्षण लेकर अपने-अपने जिलों में अन्य पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। इस प्रशिक्षण में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और आमजन से व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस बार सिंहस्थ में ड्रोन सर्विलांस, सीसीटीवी और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को रणनीति का हिस्सा बनाया गया है। साथ ही, पुलिस विभाग ने करीब 750 करोड़ रुपए के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। बाहरी जिलों से आने वाले पुलिस बल के लिए आवास और अन्य सुविधाओं की भी तैयारी की जा रही है।
पुराण डेस्क