रोजगार तो मिल ही जाएगा पहले गांव का जन्मदिन तो मना लो।

हाथ को काम भी मिलेगा लेकिन अभी गौरव दिवस में दिमाग लगाओ।

भविष्य भी संवर ही जाएगा लेकिन पहले पेड तो लगाओ।

अब यह क्या हर समय रोजगार रोजगार का रोना पीटते रहो। अरे आप या आपके परिवार से ही कोई अकेला थोड़ी है,जो रोजगार को लेकर इतना सीन क्रिएट करो।

ताली पीटो, खुश हो जाओ...

आपके साथ सौ, हज़ार नही बल्कि पूरे तीस लाख से अधिक लोग बेरोजगार वाले पाले में हैं। भाई आप लोगों का साथ देने के लिए ठोस प्रयास हैं। सिर्फ एक साल.. जी हां सिर्फ एक साल और आपकी जमात में 5 लाख 46 हज़ार युवाओं को और शामिल कर दिया गया।

अच्छा यह तो वो हैं जो रजिस्टर्ड हैं। अरे आपके जैसे एक्टीव्ह थे तो सरकारी कागजों में दर्ज हो गए। हज़ारों की ऐसी संख्या में कई भाई बहन होंगे जो रोजगार की आस में पीपल के पेड़ के नीचे दिमाग पोला करने में लगे होंगे। चलो यह तो आंकड़े है गुरु जो विधानसभा में राज्य सरकार ने आर्थिक सर्वक्षण पेश करने के दौरान पटके। अब जरा केंद्र के आंकड़ों पर नज़र मारिए। दिमाग भैरण्ट होने की फुल गारंटी।

केंद्र के ई श्रम पोर्टल पर प्रदेश के बेरोजगारों की संख्या 1.30 करोड़ दर्ज है। और सुनो... इसमें से 35 फीसदी बेरोजगार ग्रेजुएट हैं। बोले तो भाई...आप लोगों के साथ लाखों युवा है। चाहो तो एक ग्रुप बनाकर अपना रोना रो सकते हो। सम्भव है सरकार ग्रुप बनाने के लिए बेरोजगारों कर फोन नम्बर उपलब्ध करा दे। हां हां नौकरी न मिली तो क्या हुआ उद्यमी बन जाएंगे। अब वो बात अलग की योजनाओं के नाम पर मिलने वाले लोन को लेकर बैंक के नखरे हों या फिर सरकारी दांव पेंच की उलझन। अब सरकार तो योजना बना दी ..अब उसका लाभ मिले या न मिले ...यह आप जानो और आपकी किस्मत। वैसे भी क्या सब सरकार करेगी। एक वोट पर इत्ता ही मिलेगा। चलो निकल लो अब ...। पान दुकान पर खड़े हो,चौराहों पर मजमा लगाओ या मोबाइल पर गेम खेलो..वो आपका हेडेक बाबा। वैसे Insta, YouTube पर रील बनाओ और मस्त समय काटो।

अब, Data महंगा होने का रोना मत रोने लगना