नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ करेगा।  सोनिया गांधी पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय पहुंची हैं। उनके साथ प्रियंका और राहुल गांधी भी मौजूद हैं। जानकारी के मुताबिक, सोनिया गांधी ने ईडी से प्रियंका को भी पूछताछ के समय साथ रखने की अपील की थी।

ईडी के सामने सोनिया गांधी के पेश होने से नाराज कांग्रेस पार्टी ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कांग्रेस के सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री समेत तमाम बड़े नेता कांग्रेस मुख्यालय से ईडी दफ्तर तक विरोध-प्रदर्शन कर रहें हैं।

वहीं बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। रविशंकर प्रसाद बोले, आज सोनिया गांधी की ईडी के द्वारा पूछताछ होने वाली है। इसके विरोध में कांग्रेस पार्टी सत्याग्रह करने वाली है। ये सत्याग्रह नहीं, देश और देश के कानून, देश की संस्थाओं के खिलाफ दुराग्रह है। सोनिया और राहुल गांधी इस मामले में बेल पर हैं, इन पर धोखाधड़ी का भी आरोप है। पूरा मामला ये है कि कांग्रेस पार्टी तो परिवार की ‘जेबी’ संस्था हो चुकी है। उनके नेता भी जेब पर हैं। अब कांग्रेस पार्टी की संपत्ति भी परिवार की जेब पर लाए जाने की कोशिश हो रही है।

 

कांग्रेस का ये सत्याग्रह नहीं, दुराग्रह है-

रविशंकर प्रसाद ने बताया कि नेशनल हेराल्ड एक अखबार था। बाद में अखबार बंद हो गया,उस पर देनदारी हो गई। बहुत ही छंद तरीके से 90 करोड़ रुपये का लोन दिया गया। एक पारिवारिक संस्था यंग इंडिया बनाई गई। गैर कानूनी तरीके से नेशनल हेराल्ड की पूरी संपत्ति को यंग इंडिया को दे दिया गया। नेशनल हेराल्ड के पास हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति है। कई शहरों पर ये संपत्ति है, जिसकी जमीन को कांग्रेस सरकारों ने सस्ते दाम पर दिया। उससे हजारों करोड़ रुपये का किराया आता है।

उन्होंने कहा, ये है पूरा मामला। एक तरफ हम हैं, जो कानून का, संस्थाओं का सम्मान करते हैं। दूसरी तरफ इनका आचरण देखिए। इनके मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठे हुए हैं। सारे एमपी सदन छोड़कर, उनके समर्थन में ईडी और अन्य संस्थाओं का मनोबल गिरा रहे हैं। आज कांग्रेस का ये सत्याग्रह नहीं, दुराग्रह है। परिवार जब पार्टी की संपत्ति को अपनी जेब में रख रहा है, तो ये उसे बचाने का दुराग्रह है। हम इसकी भर्त्सना करते हैं। सच्चाई ये है कि सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी बेल पर हैं और ये लोग हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में केस हार चुके हैं। 

ED ने पहले भी जारी किया था समन-

ईडी ने इससे पहले सोनिया गांधी को 23 जून को पेश होने के लिए एक समन जारी किया था, लेकिन वह इस तारीख को पेश होने में विफल रहीं थी। क्योंकि कोविड-19 और फेफड़ों के संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर पर ही आराम करने की सलाह दी थी। सबसे पहले कांग्रेस अध्यक्ष को 8 जून को पेश होने का नोटिस दिया गया था, लेकिन कोरोनवायरस से संक्रमित होने के कारण उन्हें नई तारीख दी गई।

ईडी ने सोनिया गांधी के बेटे और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से इस मामले में पांच दिनों तक कई सत्रों में 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की। यह जांच कांग्रेस द्वारा प्रवर्तित यंग इंडियंस प्राइवेट लिमिटेड में कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जो नेशनल हेराल्ड अखबार से संबंधित है।

ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत एक नया मामला दर्ज होने के बाद सोनिया और राहुल गांधी से पिछले साल के अंत में पूछताछ शुरू की गई थी। इससे पहले, निचली अदालत ने 2013 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दायर एक निजी आपराधिक शिकायत के आधार पर यंग इंडिया के खिलाफ आयकर विभाग की जांच पर ध्यान दिया था।