कुबेरपति आईएफएस मनोज अग्रवाल, सबसे गरीब IFS अन्नागिरी


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स्टोरी हाइलाइट्स

धनकुबेर आईएफएस अफसरों की सूची में सबसे नीचे क्रम पर बीएस अन्नागिरी और उसके बाद वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन का नाम है,दिलचस्प पहलू यह भी है कि शुभ रंजन सेन ने भोपाल के दामखेड़ा और समिता राजौरा ने भोपाल सेमरी में खरीदना बताया है..!!

भोपाल: पीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों में सबसे कुबेरपति पीसीसीएफ कैंपा मनोज अग्रवाल है। धनकुबेर आईएफएस अफसरों की सूची में सबसे नीचे क्रम पर बीएस अन्नागिरी और उसके बाद वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन का नाम है। दिलचस्प पहलू यह भी है कि शुभ रंजन सेन ने भोपाल के दामखेड़ा और समिता राजौरा ने भोपाल सेमरी में खरीदना बताया है। जबकि इन दोनों जगह तीन-तीन है। अब इन्हें खोजने के लिए आम आदमी को लंबी  मशक्कत करना पड़ेगी।

राज्य शासन ने सबसे बड़े कुबेरपति अधिकारी मनोज अग्रवाल के हाथ में 7 हजार करोड़ का फंड  बांटने के लिए पकड़ा दिया। वैसे परम्परा रही है कि कैडर में सेकंड सीनियर मोस्ट को ही कैंपा शाखा दिया जाता रहा है पर तत्कालीन एसीएस वन अशोक वर्णवाल की विशेष मेहरबानी से उन्हें विशेष कोटे से कैंपा शाखा का मुखिया बना दिया गया। इसके बाद से यह कथानक बदल गया और कहा जाने लगा कि परम्परा बनती है तोड़ने के लिये ही। सालाना सम्पति विवरण के अनुसार मनोज अग्रवाल की पत्नी के नाम आधे से अधिक जमीनें है। चर्चा यह भी कि सम्पति को लेकर लखनऊ में विवाद भी हो चुका है। विवरण के अनुसार -शिप्रा सन सिटी गाजियाबाद में फ्लैट, पत्नी भी हिस्सेदार, कीमत 50 लाख, इससे कमाई 2.50 लाख रुपए सालाना।

यूपी के झालू गांव में दुकान व मकान विरासत में मिली, कीमत 50 लाख रुपए। लखनऊ के अलीगंज में मकान, विरासत में मिला, कीमत 10 करोड़। कटनी के झिन्ना में पत्नी के नाम जमीन खरीदी, कीमत 20 लाख। भोपाल के खजूरी कला में पत्नी के नाम जमीन खरीदी, कीमत 60.51 लाख। दिल्ली के द्वारका सेक्टर-11 में पत्नी के नाम से फ्लैट, कीमत 60 लाख रुपए, सालाना 3 लाख रुपए कमाई हो रही। भोपाल के बरखेड़ा में पत्नी के नाम जमीन खरीदी, कीमत 20 लाख रुपए।

नोटः 12.61 करोड़ की संपति, सालाना 5.50 लाख रुपए कमाई.

सबसे गरीब बीएस अन्निगिरी, पीसीसीएफ मानव संसाधन एवं विकास

इंदौर के आंबेडकर नगर स्थित वृंदावन फेस-1 में रहवासी जमीन, 5.50 लाख में ली थी.
अब 11 लाख कीमत बताई। उसी पते पर ही पत्नी के साथ हिस्सेदारी में दूसरा प्लाट कीमत 12.50 लाख रुपए।
नोट: 23.5 लाख रुपए की संपत्ति।

शुभरंजन सेन, वन बल प्रमुख, मप्र
भोपाल के दामखेड़ा में पत्नी व स्वयं के नाम मकान, कीमत 42 लाख रुपए।

बिंदु शर्मा, पीसीसीएफ, उत्पादन
दिल्ली के जंगपुरा में आइपीएस पति ए साई मनोहर के संयुक्त खाते में 3.60 करोड का फ्लैट। सालाना 17.13 लाख कमाई।

एचयू खान, पीसीसीएफ, एमडी, वन विकास निगम

गुना के सैय्यतपुरा में रहवासी मकान विरासत में मिला, कीमत 1.25 करोड, मां भी हिस्सेदार, सालाना कमाई 2 लाख रुपए।
भोपाल की इंदिरा विहार कॉलोनी में प्लाट, कीमत 85 लाख रुपए।
गुना के गुलाबगंज में प्लाट, कीमत 15 लाख रुपए। विरासत में मिला।
नोट: 2.25 करोड़ की संपत्ति, सालाना 2 लाख कमाई

डॉ. समीता राजौरा, पीसीसीएफ एमडी, राज्य वनोपज संघ

महकमे में पहली महिला अधिकारी है, जिन्होंने अपनी कमाई की सम्पति में आईएएस एवं अपर मुख्य सचिव पति  डॉ राजेश राजौरा को हिस्सेदारी नहीं दी है। भोपाल के सेमरी में 1.840 हेक्टे, जमीन, 2021 में 74.28 लाख में खरीदी, वर्तमान कीमत 75 लाख रुपए बताई।
गुजरात के अहमदाबाद में स्वयं के नाम ओपन कृषि प्लाट, कीमत वर्ष 2012 में 21.65 लाख में खरीदा। 
नोटः 96.65 लाख रुपए की अचल संपत्ति।

बिभाष कुमार ठाकुर, पीसीसीएफ. अनुसंधान एवं विस्तार

भोपाल के फंदा में 50 लाख रु. की 9500 स्क्रेयर फीट जमीन।
नर्मदापुरम रोड पर पत्नी के साथ संयुक्त खाते में चिनार फार्च्यून सिटी में 1440 स्क्वायर फीट का 45 लाख का मकान।
भोपाल के सागर विलास में 1900 स्क्वायर फीट का मकान 2014 में पत्नी के साथ 44.99 लाख में खरीदा अब 50 लाख कीमत, 1.60 लाख रु. किराया।

पुरषोत्तम धीमान पीसीसीएफ विकास
हिमाचल के हमीरपुर में 5.25 लाख की कृषि भूमि 
भोपाल की छत्रपति शिवाजी कॉलोनी में 49 लाख का मकान।
हिमाचल के महालाइमा में पत्नी के नाम 27.15 लाख का प्लाट। नोएडा बुद्ध नगर में संयुक्त खाते में 78.40 लाख का फ्लैट।
हिमाचल के हमीरपुर में 16.40 लाख का दुकान, मकान व कृषि भूमि विरासत में मिली।
नोटः 1.76 करोड़ की संपत्ति। सालाना 37200 कमाई।

अर्चना शुक्ला पीसीसीएफ वन विकास निगम

भोपाल के बागसेवनिया स्थित एमर्राल्ड पार्क में 1.25 करोड़ का डुप्लेक्स। सालाना 1.84 लाख रुपए किराया आ रहा। इसमें मप्र कैडर के आइएएस पति एवं एसीएस शिवशेखकर शुक्ला ने 20 लाख रुपए का कर्ज दिलाने में मदद की।
भोपाल के टीटी नगर स्थिति तुलसी टॉवर के फोर्थ फ्लोर पर वर्ष 2019 में 1 करोड़ का थी बीएचके फ्लैट खरीदा, वर्तमान कीमत 1.25 करोड़। सालाना 1.92 लाख किराया आ रहा।
नोटः 2.50 करोड़ की संपत्ति, 3.76 लाख कमाई

इनका कहना
आल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स 1968 के रूल 16 के अनुसार अखिल भारतीय सेवा के हर अधिकारी को सेवा में आने के तत्काल बाद अपना पहला सम्पति विवरण देना होता है। सेवा में रहने के दौरान प्रतिवर्ष दिये जाने वाले सम्पति विवरणों का प्रथम सम्पति विवरण से मिलान कर तुलनात्मक विश्लेषण किया जाना चाहिए। वार्षिक सम्पति विवरण एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है जिसका सघन मूल्यांकन होना चाहिए, जो नही किया जा रहा है।
आज़ाद सिंह डबास, एपीसीसीएफ सेवानिवृत