मानसून का आगमन हो चुका है और कई जगहों पर बिजली गिरने से लोगों की मौत भी हो चुकी है। बारिश में ऐसे हादसे लगातार होते रहते हैं हालांकि अब इनसे बचाव के कारगर उपाय भी आ चुके हैं. अब तो एक मोबाइल एप भी विकसित किया गया है जोकि बिजली गिरने की सटीक जानकारी देता है। मौसम विभाग द्वारा बारिश होने की संभावनाएं पहले से जता दी जाती हैं, इसी तकनीक का उपयोग करते हुए अब विशेष एप की मदद से यह भी जाना जा सकता है कि किस स्थान में बिजली गिरने की संभावना ज्यादा है ताकि उस स्थान में रहने वाला व्यक्ति सुरक्षित हो जाए।

वर्षाकाल में आकाशीय बिजली गिरने की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं। हर साल आकाशीय बिजली की चपेट में आने से इंसानों के साथ इससे हजारों जानवरों की भी मौत हो जाती है। मौसम विभाग द्वारा बिजली गिरने की पूर्व से जानकारी देने के लिए कुछ विशेष एप तैयार कराए गए हैं जिनमें दामिनी एप भी शामिल है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी ऐसा एप है जिससे आकाशीय बिजली से जनहानि एवं पशुधन हानि के खतरे को कम किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से बारिश अथवा खराब मौसम की जानकारी पूर्व में ही ली जा सकती है।

जिस व्यक्ति के मोबाइल में यह एप डाउनलोड है यदि वह व्यक्ति किसी ऐसे स्थान पर है जहां बिजली गिरने की संभावना अधिक है तो वह अलर्ट हो सकता है। यदि वह व्यक्ति इस एप का उपयोग कर रहा है तो जीपीएस लोकेशन के माध्यम से उसकी स्थिति की जानकारी एप में स्टोर हो जाती है. इसी के साथ यदि व्यक्ति के आसपास के 20 से 40 किमी क्षेत्र में बिजली गिरने की आशंका हो तो संबंधित व्यक्ति को इसका नोटिफिकेशन अर्थात मैसेज पहुंच जाता है।

बताया गया कि मौसम विभाग की ओर से थंडरस्ट्रोम की तीव्रता एवं बादलों की गतिविधियों के आधार पर इस एप से वज्रपात का पूर्वानुमान लगाया जाता है। वज्रपात से क्षति कम हो इसके लिए यह व्यवस्था प्रभावी साबित हो सकती है. इस एप को अपनाने के साथ ही अधिसूचित आपदाओं की पूर्व चेतावनी एवं अलर्ट को आम जनमानस तक समय से पहुंचाकर आपदा एवं उनसे होने वाली क्षति को कम किया जा सकता है।

मौसम विभाग द्वारा इसी तरह पब्लिक ऑब्जरवेशन एप की भी सुविधा दी गई है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार इस एप की मदद से लोग अपने क्षेत्र के मौसम की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इसी के साथ अपने क्षेत्र में मौसम संबंधित घटनाओं के संबंध में फीडबैक भी दिया जा सकता है।

ये एप भी हैं उपयोगी
वर्षाकाल में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर खेतों में खुले में काम करते हैं। तेज बारिश के दौरान भी ये अपने खेतों में लगातार काम करते हैं। ऐसे किसानों की मदद के लिए मौसम विज्ञान विभाग ने दामिनी एप के साथ कुछ अन्य एप भी तैयार कराए हैं. इनमें मेघदूत, मौसम जैसे एप शामिल हैं। जहां दामिनी ऐप से कहां, कब बिजली चमकेगी इसकी भी पूरी जानकारी ले सकते हैं वहीं मेघदूत एप से किसानों को मौसम संबंधी जानकारी मिलती है। किसान इस एप का प्रयोग करके फसलों की कटाई और बुआई मौसम को ध्यान में रखकर कर सकते हैं। इसी तरह मौसम एप से भी इलाके से संबंधित मौसम की रिपोर्ट हासिल की जा सकेगी।