ट्रम्प बोले-समझौता होने तक नहीं हटेगी नाकेबंदी, ईरान का दो टूक इंकार


Image Credit : x

स्टोरी हाइलाइट्स

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक हफ्ते पहले शुरू हुई यह नाकेबंदी ईरान को पूरी तरह तबाह कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष में अमेरिका बहुत आगे है..!!

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका तब तक ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाएगा, जब तक तेहरान के साथ कोई समझौता नहीं हो जाता। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक हफ्ते पहले शुरू हुई यह नाकेबंदी ईरान को पूरी तरह तबाह कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष में अमेरिका बहुत आगे है।

इसके जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ट्रम्प दबाव बनाकर और सीजफायर तोड़कर बातचीत को ऐसी बनाना चाहते हैं, जहां ईरान को झुकना पड़े या फिर दोबारा जंग शुरू करने का बहाना मिल जाए।

गालिबाफ ने आगे कहा कि ईरान किसी भी धमकी के दबाव में बातचीत नहीं करेगा। पिछले 2 हफ्ते में ईरान जंग लड़ने के लिए नई तैयारी कर चुका है। इन दोनों नेताओं का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम बुधवार को खत्म होने वाला है।

पाकिस्तान जाने की तैयारी में ईरानी डेलिगेशन

ईरान का डेलिगेशन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो ईरानी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि यह डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंच सकता है। हालांकि इस बातचीत से पहले ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने शर्त रखी है कि वह तभी शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद हों। जेडी वेंस के मंगलवार को वॉशिंगटन से पाकिस्तान जा सकते हैं। उनके साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर भी होंगे।

अमेरिका ने होर्मुज से 27 जहाज वापस लौटाए

जब से ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों में आने-जाने वाले जहाजों पर नाकेबंदी शुरू हुई है, तब से अमेरिकी फोर्स ने 27 जहाजों को वापस लौटने या ईरानी बंदरगाह पर जाने के लिए मजबूर किया है। यह जानकारी यूएस सेंट्रल कमांड ने दी है।

ट्रम्प बोले- भरोसा है ईरान बातचीत को तैयार हो जाएगा

ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि ईरान जल्द बातचीत करने वाला है। सूत्रों के मुताबिक एक रेडियो शो के फोन इंटरव्यू में उन्होंने यकीन जताया कि ईरान बातचीत को तैयार हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं होता है तो इसकी गंभीर नतीजे होंगे।