ईरान ने कहा है कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि सीजफायर के उल्लंघन के बीच यह संभव नहीं है। गालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिकी नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों को निशाना बना रही है और यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने जैसा है। उन्होंने कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब नाकेबंदी खत्म हो। दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बैठक होने की संभावना है।
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देश जल्द बातचीत की टेबल पर लौट सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा है कि यह बैठक जल्द होना संभव है।
इधर अमेरिका ने रूसी तेल की खरीद पर लगी पाबंदियों में दी गई छूट को 30 दिन के लिए बढ़ा दिया है। यह फैसला करीब 10 देशों की मांग पर लिया गया है, जो तेल की कमी का सामना कर सकते हैं।
ट्रम्प का एकतरफा सीजफायर
अमेरिका ने पाकिस्तान की अपील पर ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम (सीजफायर) को आगे बढ़ाया गया। ट्रम्प ने कहा कि ईरान में इस समय नेतृत्व और सरकार में एकजुटता नहीं है।
ईरान का सीजफायर से इनकार
ईरान ने किसी भी तरह के सीजफायर से इनकार किया है। मुख्य वातार्कार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने कहा कि सीजफायर तभी संभव है जब नाकाबंदी हटाई जाए। ईरान ने कहा है कि वह अपने वैज्ञानिक संस्थानों पर हुए अमेरिका-इजराइल के हमलों का रिकॉर्ड तैयार कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
पुराण डेस्क