भोपालः बालाघाट उत्तर वन मंडल में निर्माणाधीन मिटिंग हाल एवं प्रशिक्षण केन्द्र निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग करने एक वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को आधार बनाकर वन सुरक्षा समिति लामता के अध्यक्ष शत्रुधन असाटी ने वन संरक्षक बालाघाट और विजिलेंस एपीसीसीएफ अजय यादव से शिकायत कर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने का आग्रह किया है।
वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष शत्रुधन असाटी ने अपनी शिकायत में कहा है कि उत्तर सामान्य वनमण्डल बालाघाट के अन्तर्गत वन परिक्षेत्र लामता मुख्यालय में वन सुरक्षा समिति लामता हेतु मिटिंग हाल एवं प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें रूही सर्विसेस बालाघाट के संचालक फहीम खान द्वारा गुणवत्ताहीन निर्माण सामग्री का प्रदाय किया जा रहा है। वन सुरक्षा समिति के सदस्यों एवं वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी की मौजूदगी में प्रदाय सामग्री का परीक्षण कर मोबाईल फोन से वीडियो बनाया गया है। असाटी ने प्राथमिकी सूचना एवं वीडियो मोबाईल फोन से वनमण्डल अधिकारी, उपवनमण्डल अधिकारी एवं समस्त वन अधिकारी एवं कर्मचारी को भी भेजी दी है। वीडियो में फर्म द्वारा प्रदाय ईट को हाथ में रखते ही टूटती दिखाई दे रही है। ऐसी सामग्री से यदि भवन का निर्माण किया जाता है तो भवन का निमर्ण गुणवत्ताहीन होगा। समिति के अध्यक्ष असाटी का कहना है कि निर्माण कार्य तत्काल बन्द कराया जावे, एवं फर्म द्वारा प्रदाय निर्माण सामग्री की बालाघाट जिले के बाहर की लैब से जांच कराकर संबंधित फर्म के विरूद्ध निविदा शर्तों के अनुसार ब्लैकलीस्ट कराने का आग्रह है। जिससे अन्य फर्म से गुणवत्ता पूर्ण सामग्री क्रय कर भवन निर्माण कार्य कार्य कराया जावे।
डीएफओ और ठेकेदार की सांठगांठ
उत्तर बालाघाट वन मंडल में डीएफओ भले ही बदलते रहे पर फहीम खान ठेकेदार और उससे जुड़ी फर्म को ही सामग्री सप्लाई से लेकर निर्माण तक के कार्य के ठेके दिए जाते है। ठेकेदार खान के फेर में पूर्व के डीएफओ जांच झेल रहें हैं। मौजूदा डीएफओ रेशम सिंह ध्रुवे भी ठेकेदार के बनाए नेक्सस से जुड़ गए हैं। यही वजह है कि तमाम शिकायतों के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्तर सामान्य वनमण्डल बालाघाट के अन्तर्गत निर्मित किये जाने वाले भवनों एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगने वाली निर्माण सामग्री प्रदाय करने का ठेका दे दिया। वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष में अपनी शिकायत में कहा है कि फहीम खान ने अपने परिचित व्यक्ति के नाम उपयोग करके फर्म बनाकर वन विभाग के पूर्व परिचित रेजर एवं कार्यालय स्टाफ की मदद से नये नियुक्त वनमण्डलाधिकारी को गुमराह करके टेण्डर अपने पक्ष में कराकर भवन निर्माण सामग्री सप्लाई करने की स्वीकृति जारी कराया गया है। फहीम खान पिछले 6-7 वर्षों से वन विभाग बालाघाट में भवन निर्माण कार्य की ठेकेदारी एवं निर्माण सामग्री सप्लाई का कार्य किया जा रहा है। इस ठेकेदार द्वारा सामग्री सप्लाई में हेराफेरी कर रेंजर से लेकर वनमण्डलाधिकारी तक को पैसो एवं महंगी शराब से नवाजा जाता है। यही कारण है कि डीएफओ अन्य किसी भी ठेकेदार एवं सप्लायर को कार्य नहीं दिया जाता है।
विधानसभा में भी उठ चुका है मामला
फहीम खान बालाघाट की इसके पूर्व 3-4 बार शिकायते हुई थी। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद डीएफओ पर विभागीय जांच तो शुरू हो गई किन्तु फर्म और ठेकेदार पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे द्वारा विधान सभा में प्रश्नकाल में मामला उठाया गया था, जिसकी जांच प्रतिवेदन के आधार पर वन राज्यमंत्री ने वित्तीय अनियमितता होना स्वीकार किया था। इसके बाद भी अभी तक इसी ठेकेदार को त्रुटिपूर्ण टेण्डर पास कर कार्य करने की स्वीकृत्ति दी जा रही है। इतनी अनियमितता उजागर होने के बाद भी में एवन कंस्ट्रक्शन फहीम खान बालाघाट को ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है।
गणेश पाण्डेय