मंकीपॉक्स के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों पर स्क्रीनिंग शुरू की जाएगी। इसके साथ ही कन्फर्म मामलों के लिए 21 दिन के आइसोलेशन का फैसला भी लिया गया है। बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि पुष्ट मामलों के लिए कम से कम 21 दिनों का अलगाव अनिवार्य होगा।

जोनल स्वास्थ्य अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है कि स्क्रीनिंग दल अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में हवाई अड्डों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर तैनात किए जाएं। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि मंकीपॉक्स के सभी संदिग्ध मामलों की जांच और परीक्षण अस्पताल-आधारित निगरानी और लक्षित निगरानी दोनों के माध्यम से किया जाना चाहिए।

आपको बता दें कि कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने रविवार को कहा कि एक इथियोपियाई नागरिक जिसे मंकीपॉक्स से संक्रमित होने का संदेह था, वह चिकनपॉक्स से पीड़ित पाया गया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, इस महीने की शुरुआत में इथियोपिया के एक व्यक्ति का मंकीपॉक्स से संबंधित लक्षण दिखने पर परीक्षण किया गया था। उसकी जांच रिपोर्ट आ गई है। जिसमें पता चला है कि वह चिकनपॉक्स से पीड़ित है। इसके बाद से ही प्रभावित देशों से बेंगलुरु या मंगलूरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है।

कई राज्यों से सामने आए मामले-

भारत में सोमवार को मंकीपॉक्स का छठा मामला सामने आया। दिल्ली में एक 35 वर्षीय नाइजीरियाई व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। तो देश में मंकीपॉक्स से मौत का पहला मामला केरल में सामने आया। भारत में मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्थिति पर नजर रखने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राजस्थान में सोमवार को मंकीपॉक्स का पहला संदिग्ध मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि 20 वर्षीय युवक को पिछले चार दिनों से बुखार और शरीर पर दाने की शिकायत के बाद राज्य के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सोमवार को दिल्ली में मंकीपॉक्स का एक और मामला सामने आया। हालाँकि, जिस नाइजीरियाई व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी, उसका हाल ही में कोई विदेश यात्रा में नाम नहीं है। सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि मंकीपॉक्स से संक्रमित पाए गए नाइजीरियाई व्यक्ति को सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जो राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के इलाज के लिए नोडल अस्पताल है। सूत्रों के मुताबिक, नाइजीरियाई शख्स पिछले पांच दिनों से बुखार से जूझ रहा है और उसके शरीर पर रैशेज हैं।

सूत्रों के अनुसार, नाइजीरियाई व्यक्ति का नमूना पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) भेजा गया था और सोमवार शाम को परीक्षण रिपोर्ट में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। उन्होंने कहा कि अफ्रीकी मूल के दो और संदिग्ध मरीजों को भी एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच, केरल सरकार ने सोमवार को पुष्टि की कि एक 22 वर्षीय व्यक्ति जिसकी 30 जुलाई को मौत हो गई थी, वह मंकीपॉक्स से संक्रमित था। इस प्रकार, देश में मंकीपॉक्स से यह पहली मौत है।

राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम में मीडिया से चर्चा में कहा कि एनआईवी, पुणे भेजे गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई और मृतक पश्चिम अफ्रीकी वायरस से संक्रमित था। सीएम ने आगे कहा कि 22 जुलाई को केरल पहुंचा व्यक्ति पहले 19 जुलाई को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया था।