सहकारी संस्थाओं के चुनाव के प्रस्तावों में मतदाता सदस्यों के पते नहीं होने पर आपत्ति आई.. डॉ. नवीन जोशी


Image Credit : twiter

स्टोरी हाइलाइट्स

राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी ने सहकारी संस्थाओं के चुनावों के लिये भेजे जा रहे प्रस्तावों में मतदाता सदस्यों के पते न होने पर आपत्ति व्यक्त की. ऐसी स्थिति में सदस्यों को निर्वाचन संबंधी विभिन्न सूचनाएं डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाना सम्भव नहीं होगा...

भोपाल: राज्य सहकारी निर्वाचन प्राधिकारी ने सहकारी संस्थाओं के चुनावों के लिये भेजे जा रहे प्रस्तावों में मतदाता सदस्यों के पते न होने पर आपत्ति व्यक्त की है। सहकारिता विभाग के विभिन्न जिलों में पदस्थ उप/सहायक आयुक्तों को भेजे पत्र में निर्वाचन प्राधिकारी ने कहा है कि जिले में पंजीकृत विभिन्न सहकारी संस्थाओं से निर्वाचन हेतु प्राप्त प्रस्तावों को अग्रेषित किया जाकर इस कार्यालय को प्रेषित किया जा रहा है। इन प्रस्तावों का कार्यालय स्तर पर परीक्षण किये जाने पर यह पाया जा रहा है कि प्रस्ताव के साथ संलग्न सदस्यता सूची में सदस्यों के डाक के पूर्ण पते नहीं दर्शाये गये हैं। ऐसी स्थिति में सदस्यों को निर्वाचन संबंधी विभिन्न सूचनाएं डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाना सम्भव नहीं होगा।

निर्वाचन प्राधिकारी ने पत्र में कहा है कि अनेक संस्थाओं की निर्वाचन प्रक्रिया के संबंध में संस्था सदस्यों द्वारा निर्वाचन संबंधी सूचना प्राप्त नहीं होने संबंधी शिकायतें समय-समय पर इस कार्यालय को प्राप्त होती रहती हैं। इस स्थिति में सहकारी संस्था की निर्वाचन प्रक्रिया दूषित होने की सम्भावना बनी रहती है। इसलिये सहकारी संस्थाओं के निर्वाचन हेतु संस्थाओं से प्राप्त प्रस्तावों का उपरोक्त तथ्यों के दृष्टिगत रखते हुए परीक्षण किये जाने के पश्चात, सदस्यता सूची में सदस्यो के पूर्ण पते नहीं होने की स्थिति में संस्था से सदस्यता सूची में सदस्यों के पूर्ण पते दर्शाए जाने पर ही प्रस्ताव अग्रेषित करें, ताकि संस्था की निर्वाचन प्रक्रिया में अनावश्यक विलम्ब न हो सके।