मध्य प्रदेश में मॉनसून के लिए और इंतज़ार करना पड़ सकता है। हालांकि, पूरे राज्य में प्री-मॉनसून गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। आज 34 ज़िलों के लिए तूफ़ान और बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि कई अन्य जगहों पर मौसम साफ़ रहेगा। राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार 17 जून को 34 ज़िलों में तूफ़ान और बारिश की संभावना है। ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, शिवपुरी, शाजापुर, श्योपुर, सिवनी, सीहोर, छिंदवाड़ा, छतरपुर, अशोकनगर, अनूपपुर, आगर-मालवा, नरसिंहपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम, नीमच, मुरैना, मंदसौर, मंडला, खरगोन, बड़वानी, बालाघाट, देवास, दतिया, राजगढ़, डिंडोरी, पांढुर्णा, टीकमगढ़, गुना और भिंड में बारिश की उम्मीद है।

वहीं, भोपाल, जबलपुर, विदिशा, सतना, सागर, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, मैहर, मऊगंज, रीवा, रायसेन, रतलाम, अलीराजपुर, बड़वानी, उमरिया, दमोह, पन्ना, धार और झाबुआ में मौसम साफ़ रहेगा। इन ज़िलों में गर्मी का असर दिखेगा।

इस साल मध्य प्रदेश में मॉनसून देर से आएगा। 2021 में यह 9 जून को आया था। 2018 में मॉनसून 25 जून को आया था। पिछले साल मॉनसून 16 जून को आया था। इस बार यह एक हफ़्ता देर से आएगा।

मॉनसून में देरी से फ़सलों को नुकसान हो सकता है। खरीफ़ की फ़सलों की बुआई पर असर पड़ सकता है। कई ज़िलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है; नतीजतन, किसान बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं।