जंगल में मनमानी : ढाई करोड़ कटाई के मामले में आरोपित मरावी को भी बना दिया आईएफएस


Image Credit : X

स्टोरी हाइलाइट्स

राज्य शासन ने यूपीएससी से छुपए आरोप-पत्र..!!

भोपाल: जंगल महकमे में अंतहीन मनमानी का सिलसिला चल रहा है। राज्य शासन के शीर्ष अफसरों ने यूपीएससी के समक्ष दागी एसडीओ से जुड़े तथ्य छुपा कर उन्हें आईएफएस प्रमोट करवा दिया। अब उनकी परते खुलने लगी है। ताज़ा मामला उत्पादन वन मंडल रायसेन में पदस्थ प्रभारी डीएफओ मानसिग मरावी से जुड़ा है। इसी तरह संतोष कुमार रनसोरे के प्रकरण में भी हुआ । पिछले दिनों ही रनसोरे को क्लीनचिट मिली। 

अक्टूबर 25 में राज्य वन सेवा के 24 अफसरों को आईएफएस के लिए डीपीसी हुई थी। कतिपय शीर्ष अधिकारियों ने अपने चहेते एसडीओ को प्रमोट करने की मंशा से यूपीएससी के समक्ष कई महत्वपूर्ण तथ्य छुपाए रखा। उत्पादन वन मंडल  रायसेन के प्रभारी डीएफओ मानसिग मरावी के प्रकरण में विभाग ने आरोप पत्र जारी होने का मामला तब तक दबाकर रखा गया जब तक कि आईएफएस के लिए डीपीसी नहीं हो गई। रायसेन उत्पादन वन मंडल में पोस्टिंग होने से पहले मराठी एसडीओ नर्मदापुरम  के पद पर पदस्थ थे। इसी दरमियान इटारसी रेंज के छीपीखापा बीट में बड़े पैमाने पर गोल्डन टीक सागौन की कटाई हुई। राज्य स्तरीय उड़न दस्ते ने इसकी नुकसान दो करोड़ से अधिक बताई। इसी प्रकरण में अक्टूबर 25 में मरावी को आरोप पत्र जारी किया गया है। जबकि डीपीसी के समय इस तत्व को छुपाया गया, जिसकी बदौलत ही वे आईएफएस के लिए चयनित हो गए। हालांकि अभी फाइनल नोटिफिकेशन नहीं हुआ है। 

क्या है आरोप-पत्र में 

निर्धारित रोस्टर अनुसार छीपीखापा बीट का निरीक्षण नहीं किया। अवैध रूप से काटे गये समस्त ठूंठों को गणना में नहीं लिया जाकर वास्तविकता से पृथक वन हानि प्रतिवेदित करने में लापरवाही की। तथ्याधारित बीट निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत न कर अवैध कटाई छुपाने, वरिष्ठ को गुमराह करने कृत्य किया। बीट में उपलब्ध अवैध कटाई के ठूंठों का ड्रेसिंग कार्य अधिनस्थों से नहीं कराने एवं ठूंठ ड्रेसिंग के प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। 

अब जारी होंगे एक साथ तीन डीएफओ के आरोप पत्र

नर्मदापुरम के इटारसी रेंज अंतर्गत अकेले छिपीखापा बीट में ढाई करोड़ कीमत से अधिक हुई अवैध कटाई के मामले में रसूखदार आईएफएस मयंक गुर्जर के साथ एसएफआरआई जबलपुर में पदस्थ प्रमोटी आईएफएस संदीप फेलौज और सेवानिवृत प्रमोटी आईएफएस ध्यानेन्द्र वासनिक का आरोप पत्र जारी होने जा रहें हैं। तीनों अधिकारियों के आरोप पत्र एक साथ जारी हो रहें हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि नर्मदापुरम वन मंडल में मयंक गुर्जर डेढ़ साल तक से समय से डीएफओ थे और उन्हीं के कार्यकाल में सबसे अधिक कटाई हुई। 

क्या है जांच प्रतिवेदन के फैक्ट

नर्मदा पुरम के इटारसी रेंज अंतर्गत छीपीखापा बीट में निरीक्षण के दौरान दिनांक 1 जनवरी 23 से निरीक्षण दिनांक तक अवैध रूप से कटे सागौन के 1242 ठूंठ एवं सतकट के 38 ठूठ कुल 1280 ठूंठ पाये गये। दिनांक 1 जनवरी.2023 से निरीक्षण दिनांक के पूर्व तक बीट में में जारी किये गये वन अपराध प्रकरणों से मिलान करने के उपरांत सागौन के 693 ठूंठ सतकट के 07 ठूंठ कुल 700 ढूंढों का वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध होना नहीं पाया गया। परिणामस्वरूप स्थानीय बीटगार्ड द्वारा 700 ठूठों का वन अपराध प्रकरण कमांक 13707/74 दिनांक 18 सितम्बर 25 पंजीबद्ध किया गया। इस अवैध कटाई में बीट छीपीखापा में कुल हानि राशि रु. 20495770/- होना पायी गयी। वन विभाग के इतिहास में अवैध कटाई से अब तक की नुकसानी का सबसे बड़ा है।