भोपाल: अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर अनुपम सहाय और उनकी टीम के प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। बठान एंक्लोजर से फरार हुई 8 महीने की मादा शावक की 6 जनवरी से ढुढ़ाई जारी है। प्रबंधन ने 7 जनवरी की एक हम उम्र शावक की अंत्येष्टि कर यह बताने की कोशिश कि फरार शावक किसी अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष में मौत हो गई। दो दिन बाद प्रबंधन को अपनी गलती का अहसास हुआ और यह मानकर कि लापता शावक जिन्दा है। उसकी की तलाश फिर से शुरू कर दी।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के एसडीओ दीपक मराठा ने बताया कि पतौर स्थित बठान एंक्लोजर में बिन मां की 8 महीने की शावक जिन्दा है। उसकी हाथियों के दल और अन्य टीम खोज रही है। मराठा का यह भी कहना था कि 7 जनवरी को जिसकी अंत्येष्टि हुई वह भी उसकी हम उम्र थी। उसकी धारियों (stripes) का मिलान करने के बाद ही इस निष्कर्ष पहुंचे कि एंक्लोजर से फरार सावन अभी जिंदा है। समाचार लिखे जाने तक पार्क प्रबंधन को फरार शावक का कोई सुराख़ नहीं लग पाया। बताया जाता है कि जिनकी अंत्येष्टि हुई वह बफर जोन के टाइग्रेस का शावक था।

कैसे होती है टाइगर की पहचान
टाइगर की पहचान उसकी धारियों (stripes) से ही की जाती है, क्योंकि हर बाघ की धारियों का पैटर्न इंसानों के फिंगरप्रिंट्स की तरह और वन विभाग उनकी पहचान करते हैं और उनकी गिनती (census) करते हैं, ये धारियाँ उन्हें शिकार मे छिपने (camouflage) में भी मदद करती हैं।
धारीदार पैटर्न (Striped Pattern): हर बाघ की धारियों का पैटर्न (संख्या, मोटाई और व्यवस्था) अद्वितीय (unique) होता है, जैसे इंसानों के फिंगरप्रिंट। यह सबसे महत्वपूर्ण पहचान है।

पंजों के निशान (Pugmarks): इनके पंजों के निशान भी अलग-अलग होते हैं, जिनसे इनकी पहचान और गिनती की जाती है।
वन्यजीव प्रेमी और वन विभाग कैमरा ट्रैप की तस्वीरों का उपयोग करके इन धारियों के पैटर्न से अलग-अलग बाघों की पहचान करते हैं और उनकी आबादी का अनुमान लगाते हैं।
कुदरी टोला के कुएं में एक बाघ मृत अवस्था में मिला
धमोखर बफर क्षेत्र अंतर्गत रायपुर बीट की राजस्व ग्राम रायपुर के कुदरी टोला में 8 को एक कुएं में एक बाघ मृत अवस्था में पाया गया था। सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र संचालक तथा वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुँचा तथा घटना स्थल को सुरक्षित किया गया। 9 जनवरी को वरिष्ठ कार्यालयों के दिशा-निर्देशों के अनुरूप डॉग स्क्वाड के द्वारा मौके की जांच की गई तथा बाघ के शव को कुएं से बाहर निकाल कर उसकी अंत्येष्टि की गई। बाघ का शव पुराना होने के कारण समस्त अवयवों की जप्ती के लिए कुएं को खाली करने की कार्यवाही की गई।
फील्ड डायरेक्टर को नोटिस
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक आठ महीने की मादा शावक लापता होने और एक नर बाघ (लिंग अज्ञात) कुंए में मृत अवस्था में पाया गया के संबंध में वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय से स्पष्टीकरण मांगा है। अंबाड़े द्वारा जारी किए गए पत्र में उल्लेख किया है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक आठ महीने की मादा शावक दिनांक 6 जनवरी के बाद लापता एवं 8 जनवरी को एक नर बाघ (लिंग अज्ञात) कुंए में मृत अवस्था में पाया गया के संबंध में समाचार पत्र प्रकाशित है। अपने पत्र में यह भी लिखा है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया के वन परिक्षेत्र पनपथा बफर के बीट सलखनिया से रेस्क्यू कर मादा बाघ के दो शावकों को वन परिक्षेत्र ताला के बीट बठान में स्थित एंक्लोजर में शिफ्ट किया जाना था, जिस दौरान एक आठ महीने की मादा शायक लापता हो गई। इस संबंध में आपको निर्देशित किया जाता है कि दोनों घटनाओं के संबंध में जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक, मध्यप्रदेश, भोपाल के अभिमत के साथ 7 दिवस के भीतर प्रेषित करना सुनिश्चित करें।
गणेश पाण्डेय