किसानों के लिए बड़ी पहल! फर्टिलाइजर कंपनी ने तैयार की महिला ड्रोन पायलट की फौज


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स्टोरी हाइलाइट्स

कंपनी ने इन ड्रोनों को चलाने के लिए स्थानीय महिला पायलटों को प्रशिक्षित भी किया है..!!

Kisan Drone: फर्टिलाइजर कंपनी कोरोमंडल इंटरनेशनल ने सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिला सदस्यों को 200 ड्रोन उपलब्ध कराए हैं. उन्हें ड्रोन संचालित करने के लिए ट्रेनिंग भी दी गई है. कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड अग्रणी कृषि-समाधान प्रदाताओं में से एक है. यह दो प्रमुख क्षेत्र पोषक तत्व और अन्य संबद्ध व्यवसाय, फसल सुरक्षा में काम करती है. इनमें उर्वरक, फसल सुरक्षा, जैव-उत्पाद, विशेष पोषक तत्व और जैविक कारोबार शामिल हैं.

कंपनी के मुताबिक, उसने खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में सेल्फ हेल्प ग्रुप्स की महिलाओं को 200 ड्रोन वितरित किए हैं. इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अलग-अलग एसएचजी के सदस्यों को ‘ऑनलाइन’ माध्यम से कोरोमंडल इंटरनेशनल द्वारा आपूर्ति किए गए 200 ड्रोन सहित 1,000 ड्रोन सौंपे.

कंपनी ने बताया कि ड्रोन का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में महिला एसएचजी सदस्यों द्वारा किया जाएगा. कंपनी ने इन ड्रोनों को चलाने के लिए स्थानीय महिला पायलटों को प्रशिक्षित भी किया है.

वहीं, ड्रोन विनिर्माता आयोटेक वर्ल्ड एविगेशन के सह-संस्थापक अनूप उपाध्याय ने बताया कि ड्रोन तकनीक किसानों के लिए ज़रूरी है, जिससे उनका समय, पानी और पैसा बचता है. हमारा मानना है कि इससे उनकी आय 20-25% तक बढ़ सकती है. इसी कारण से सरकार और प्रधानमंत्री खुद जमीनी स्तर पर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘ड्रोन दीदी’ योजना को बढ़ावा दे रहे हैं.

इसके अलावा ड्रोन विनिर्माता कंपनी मारुत ड्रोन ने कहा, उसने नमो ड्रोन दीदी कार्यक्रम में 150 एसएचजी महिलाओं को किसान ड्रोन तकनीक से संचालित एजी-365 ड्रोन का प्रशिक्षण दिया है. 'नमो ड्रोन दीदी' योजना का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट बनने के लिए प्रशिक्षित करके और उन्हें स्थानीय कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं का अभिन्न अंशधारक बनाकर सशक्त बनाना है. 

इस 'नमो ड्रोन दीदी' योजना के तहत केंद्र सरकार का लक्ष्य 15,000 महिला नेतृत्व वाले सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को फसल की निगरानी, उर्वरकों और फसल सुरक्षा रसायनों के छिड़काव के लिए कृषि ड्रोन के जरिये मदद करना है.