Covid In India: बीते 24 घंटे में सामने आए कोरोना के 656 नए केस, एक्टिव मामले 3 हजार के पार


स्टोरी हाइलाइट्स

Covid In India: कोरोना का JN.1 सब-वेरिएंट अन्य वेरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक बताया जा रहा है. जो अन्य वेरिएंट की तुलना में ज्यादा तेजी से फैलता है. हालांकि, अभी तक इस वैरिएंट से कोई गंभीर खतरा सामने नहीं आया है.

Covid In India: बीतें कुछ दिनों से रोजाना बढ़ते कोरोना के मामलों ने सभी की चिंताएं बढ़ा दी हैं. जिससे देशभर में कोविड-19 के एक नए सब-वेरिएंट JN.1 को लेकर सतर्कता बरती जा रही है. इस सब-वेरिएंट को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य महकमें को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा हैं.

वहीं, केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे कोविड-19 के स्वैब के नमूनों को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजें, ताकि वेरिएंट के बारे में पता चल सके. तो चलिए, जानते हैं कि भारत में बीते 24 घंटे में कितने मरीज संक्रमित पाएं गए हैं. दरअसल, देशभर में 24 दिसंबर को कोरोना के 656 नए मामले सामने आए है.

जिसके बाद देश में एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 3,742 हो गई हैं. केरल में सबसे ज्यादा 128 केस मिले, जिसके बाद राज्य में एक्टिव केस 3,000 हो गए हैं. यहीं नहीं महाराष्ट्र में भी कोरोना के 50 मामले सामने आए हैं. इसमें चौंकाने वाली बात ये है कि इनमें से कई मरीज नए वैरिएंट JN.1 से संक्रमित है.

जेएन.1 सब-वेरिएंट से घबराने की जरूरत नहीं-

इंडियन SARS-CoV-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) के प्रमुख डॉ. एनके अरोड़ा ने कोविड-19 की मौजूदा स्थिति पर एक समाचार एजेंसी से चर्चा करते हुए बताया था कि यह भी ओमीक्रॉन के अन्य सब-वेरिएंट की तरह ही है. इनमें बुखार, सर्दी-खांसी, दस्त और शरीर दर्द जैसे लक्षण होते हैं. हालांकि, ये दो से पांच दिन में ठीक हो जाते हैं. यहीं वजह हैं कि केस बढ़ रहे हैं, लेकिन हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या काफी कम है.

उन्होंने आगे बताया कि हमें जेएन.1 सब-वेरिएंट से घबराने की नहीं बल्कि सतर्कता की जरूरत है. मैं हर किसी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमें सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की बिल्कुल भी नहीं. हाल ही में WHO ने भी जेएन.1 वेरिएंट को लेकर सतर्क रहने का दिशानिर्देश जारी किया था. जिसमें बताया था कि इससे जनता को कोई बड़ा खतरा नहीं है. इस वेरिएंट पर पहले से मौजूद वैक्सीन असरदार हैं.

हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स ने दावा किया कि उन सभी लोगों को सावधानी बरतने की ज़रूरत है जो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं. जिन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हैं. ऐसे लोग दवाइयों का सेवन करते हैं, जो इम्युनिटी को कम करती हैं. जैसे, कैंसर के मरीज. उन्हें कुछ दिन सावधानी बरतनी होगी. बाकी, अन्य लोगों को टीके की किसी अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता नहीं है.