अमेरिका के साथ शांति पर बातचीत के लिए ईरान का डेलिगेशन शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा। ईरान की न्यूज एजेंसी तसनीम के मुताबिक, यह डेलीगेशन 71 लोगों का है। इस टीम में सिर्फ बातचीत करने वाले लोग ही नहीं, बल्कि एक्सपर्ट सलाहकार, मीडिया प्रतिनिधि, डिप्लोमैट और सुरक्षा से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं। इस बातचीत टीम की अगुवाई ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ कर रहे हैं।
दूसरी तरफ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी डेलिगेशन के साथ आज इस्लामाबाद पहुंचेंगे। अमेरिका और ईरान के बीच यह अहम बैठक आज इस्लामाबाद में होनी है। इस पर दुनियाभर की नजर बनी हुई है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस बातचीत से पहले ईरान को धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास थोड़े समय के लिए समुद्री रास्तों पर जबरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई दांव नहीं है। उन्होंने यह भी धमकी दी कि वे इसलिए जिंदा हैं, ताकि बातचीत कर सकें।
प्लेन में खाली सीटों पर बच्चों की तस्वीरें लेकर पाकिस्तान पहुंचे ईरानी नेता
ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ प्लेन की खाली सीटों पर हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें लेकर पाकिस्तान पहुंचे हैं। उन्होंने ने पर फोटो शेयर करते हुए लिखा- इस उड़ान में मेरे साथी, मिनाब 168। गौरतलब है कि ईरानी शहर मिनाब के स्कूल में 28 फरवरी को एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ था। इसमें 168 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें बच्चों के अलावा स्कूल के स्टाफ भी थे। इस हमले का आरोप अमेरिका और इजराइल पर लगाया था।
ईरान बोला- शांति की उम्मीद है लेकिन अमेरिका पर भरोसा नहीं
इस्लामाबाद पहुंचते ही ईरान के शीर्ष वातार्कार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को लेकर कहा कि उन्हें शांति की उम्मीद है, लेकिन भरोसा नहीं। गालिबाफ ने सरकारी मीडिया से कहा, ह्लहमारे पास गुड विल है, लेकिन हम भरोसा नहीं करते।उन्होंने यह भी कहा कि अगर अमेरिका सच में एक ईमानदार समझौते के लिए तैयार है, तो ईरान भी तैयार हो सकता है। गालिबाफ ने आरोप लगाया कि पहले अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव अच्छा नहीं रहा और अक्सर समझौते टूटे हैं।
पुराण डेस्क