प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे का गुरुवार को आज दूसरा और आखिरी दिन है। पीएम मोदी आज होलोकॉस्ट पीड़ितों के लिए इस्राइल के आधिकारिक स्मारक, याद वाशेम जाएंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी इजराइली प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान भारत और इजराइल के बीच ड्रोन की खरीद समेत कई बड़े रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। लगभग नौ साल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकीय यात्रा पर इजराइल गए हैं।
इजरायल और भारत के बीच होने वाले डिफेंस डील कथित तौर पर 8 से 10 अरब डॉलर की हो सकती हैं। इजरायली मीडिया ने कहा है कि पीएम मोदी के तेल अवीव में रहने के दौरान मिसाइल डिफेंस, ड्रोन और अक तकनीक पर बड़े समझौते होना तय है। इससे भारत का हथियारों के लिए इजरायल की तरफ झुकाव और ज्यादा बढ़ जाएगा।
यरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के मल्टी-लेयर्ड मिसाइल डिफेंस के सभी चार बड़े एलिमेंट के लिए डील की उम्मीद है। इसमें इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम, राफेल का डेविड स्लिंग और आयरन डोम, राफेल और एल्बिट का आयरन बीम शामिल है। इससमें आयरन डोम और आयरन बीम पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। हालांकि अभी किसी कंपनी ने डील की पुष्टि नहीं की है।
स्पाइस 1000, रैम्पेज मिसाइलों की डील
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और इजरायल में राफेल की स्पाइस 1000 गाइडेंस किट, एल्बिट सिस्टम्स की रैम्पेज एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, आइस ब्रेकर नेवल क्रूज मिसाइल और सुपरसोनिक एयर लोरा मिसाइल के लिए एग्रीमेंट की उम्मीद है। हर्मीस ड्रोन भी भारत को इजरायल से मिल सकते हैं।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, भारत कई सालों से यहूदी देश इजरायल का सबसे बड़ा हथियार खरीदार है। इसमें 2020-2024 की कुल बिक्री का 34 फीसदी शामिल है। इस दौरान भारत को इजरायली कुल हथियारों की बिक्री तकरीबन 20.5 अरब डॉलर की थी।
पुराण डेस्क