इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस में आरोपी सोनम रघुवंशी जेल से बाहर आ गई है। शिलॉन्ग कोर्ट ने सोमवार को उसकी जमानत मंजूर कर ली। जिसके बाद मंगलवार को सोनम के पिता देवी सिंह खुद शिलॉन्ग पहुंचे और जमानत भर दी। सूत्रों के मुताबिक, देवी सिंह ने स्थानीय होटल संचालक की तरफ से जमानत भरी है।
इसके बाद मंगलवार शाम को सोनम जेल से रिहा हो गई। रिहाई के बाद मीडियाकर्मियों ने सवाल किए तो पिता और बेटी बिना कुछ कहे ही वहां से निकल गए। बता दें कि कोर्ट ने चौथी सुनवाई के बाद सोनम को राहत दी है।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में गिरफ्तार पांच में से अब तक चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें सोनम, लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स शामिल हैं।
इंदौर में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि शिलॉन्ग के वकील से बात हुई है। जमानत के आधार पर विपिन ने बताया कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से हिरासत में लिया था, उस दौरान पुलिस ने नहीं बताया था कि सोनम को क्यों उठाया गया है। इसी आधार पर सोनम के वकील ने तर्क दिए थे। हम लोग हाईकोर्ट में जाएंगे। ताकि सोनम की इस जमानत को निरस्त किया जा सके।
इससे पहले कोर्ट ने कहा कि शिलॉन्ग पुलिस ने चालान में धाराएं अलग-अलग लिखी हैं। गिरफ्तारी की प्रक्रिया का पालन नहीं किया और ट्रायल में भी देरी कर दी। जिस तरीके से महिला को उसकी गिरफ्तारी के कारण बताए गए, उससे यह साफ नहीं होता कि उसे ठीक से समझाया गया था कि उस पर क्या आरोप हैं।
इसका मतलब है कि गिरफ्तारी के पीछे के जरूरी तथ्य उसे साफ और सही तरीके से नहीं बताए गए। इसी वजह से उसके डिफेंस पर असर पड़ा और उसे नुकसान हुआ है। रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे पता चले कि जब उसे पहली बार गाजीपुर कोर्ट में पेश किया गया था, तब उसके साथ कोई वकील था। अगर वकील होता, तो वह उस समय ये बात कोर्ट के सामने रख सकता था।
सोनम का भाई बोला- जमानत से मैं खुश नहीं
सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने कहा- मैं अपनी बहन की जमानत से खुश नहीं हूं। गोविंद ने बताया कि उन्होंने सोनम की जमानत के लिए कोई प्राइवेट वकील नहीं किया था। जब सोनम जेल में थी, तब उनकी उससे दो बार बात हुई थी। सोनम ने उनसे जमानत करवाने की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की।
पुराण डेस्क