243 वन कक्षों के 61 हजार हैक्टेयर में बनेगा ओंकारेश्वर अभयारण्य, 12 कक्ष बाहर हुये


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स्टोरी हाइलाइट्स

प्रस्ताव वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा ने राज्य शासन को भेज दिया है तथा जिसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिये इसे भेजा जा रहा है..!!

भोपाल।इस साल खण्डवा एवं देवास वनमंडल के कुल 255 वन कक्षों में से 243 कक्षों में 61 हजार 175.37  हैक्टेयर क्षेत्र ओकारेश्वर अभयारण्य बनाया जायेगा तथा नर्मदा घाटी विकास विभाग की आपत्ति के कारण 12 वन कक्ष यानि कम्पार्टमेंट इस प्रस्तावित अभ्यारण्य से बाहर कर दिये गये हैं। इसका प्रस्ताव वन विभाग की वन्यप्राणी शाखा ने राज्य शासन को भेज दिया है तथा जिसे कैबिनेट की स्वीकृति के लिये इसे भेजा जा रहा है।

ये कमार्टमेंट बाहर हुये:

खण्डवा वनमंडल के मूंदी परिक्षेत्र के कम्पार्टमेंट क्रमांक 94 एवं 102, बेलारी रेंज का कक्ष क्रमांक 446, 351, 352, 353, चांदगढ़ रेंज का कक्ष क्रमांक 294, 318, 320, 321, 322 तथा 346 अभयारण्य क्षेत्र से बाहर हो गये हैं।

डूब क्षेत्र भी आयेगा:

ओंकारेश्वर अभयारण्य में डूब क्षेत्र भी आयेगा। दरअसल कुल 255 वन कक्षों की 72 हजार 932.40 हैक्टेयर भूमि चिन्हित की गई थी जिसमें से 12 कम्पार्टमेंट बाहर किये जाने से 61 हजार 175.37 हैक्टेयर वन भूमि चयनित की गई जिसमें इंदिरा सारगर परियोजना की 9 हजार 290.70 तथा ओंकारेश्वर परियोजना की 2 हजार 286.16 हैक्टेयर डूब वाली भूमि भी शामिल हुई है। इस अभयारण्य में देवास वनमंडल की रेंज सतवास, कांटाफोड़, पुंजापुरा तथा उदयनगर और खण्डवा वनमंडल की रेंज मूंदी, पुनासा, चांदगढ़ एवं बलडी की वन भूमि शामिल की गई है। खण्डवा वनमंडल की 34 हजार 327.47 हैक्टेयर तथा देवास वनमंडल की 26 हजार 847.90 हैक्टेयर वन भूमि अभयारण्य में सम्मिलित की गई है।