विक्रमोत्सव 2026 की तैयारियों पर चर्चा के लिए मंगलवार 27 जनवरी को भोपाल स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव ने आयोजन की समग्र रूपरेखा, व्यवस्थाओं और विभागीय समन्वय की विस्तार से की समीक्षा, अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा– विक्रमोत्सव-2026 भव्यता, सुव्यवस्था और सांस्कृतिक गरिमा के उच्चतम मानकों के अनुरूप आयोजित होगा।
महाराजा विक्रमादित्य रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर श्रीराम तिवारी ने आने वाले विक्रमोत्सव के बारे में बता दें, कि विक्रमोत्सव 2026 15 फरवरी से शुरू होगा। इस दिन, सनातन शिव के देवताओं की शिव पूजा की जाएगी, जिससे पूरे राज्य में सभी शिवरात्रि मेलों की शुरुआत भी होगी। सुबह 11 बजे एक बड़ी कलश यात्रा निकाली जाएगी।
उद्घाटन प्रोग्राम में जाने-माने कलाकार शंकर महादेवन, एहसान, लॉय, विशाल मिश्रा, सोनू निगम और प्रीतम परफॉर्म करेंगे। इसके अलावा, कई पॉपुलर कलाकार "शिवोहम" की स्पेशल परफॉर्मेंस देंगे।
उसी दिन विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, 84 महादेव और आदिवासी देवलोक (रेप्लिका) पर एग्ज़िबिशन लगाई जाएंगी। इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस में विक्रम व्यापार मेले का भी उद्घाटन होगा, जिसमें फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, अलग-अलग मीडियम में पारंपरिक क्राफ्ट, हैंडलूम और टेक्सटाइल पर एग्ज़िबिशन दिखाई जाएंगी।
कल्चरल प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर, 22 फरवरी से 2 मार्च तक विक्रम नाट्य महोत्सव होगा। लोकल कल्चरल ग्रुप 27 फरवरी से 18 मार्च तक उज्जैन हाट बाज़ार में रोज़ाना परफ़ॉर्म करेंगे। इस दौरान एक हैंडीक्राफ्ट वर्कशॉप और मालवी कलम वर्कशॉप भी होगी।
वैचारिक समागम के तहत 28 फरवरी से 1 मार्च तक विक्रमादित्य के न्याय पर फोकस करने वाले प्रोग्राम होंगे। 7 मार्च को लोकल बोलियों में एक कवि सम्मेलन होगा, जिसमें सम्राट विक्रमादित्य पर फोकस करने वाली रचनाएं पेश की जाएंगी।
फेस्टिवल के दौरान 13 से 17 मार्च तक पौराणिक फिल्मों का एक इंटरनेशनल फेस्टिवल होगा। 17 और 18 मार्च को "महाकाल, धरती का काल" टॉपिक पर एक रिसर्च सेमिनार होगा।
उज्जैन का गौरव दिवस 19 मार्च को नए साल (प्रतिपदा) यानी सृष्टि के दिन मनाया जाएगा। सुबह रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पर सूर्यपूजन किया जाएगा। राज्य के सभी जिलों में भी विक्रमोत्सव मनाया जाएगा।
विक्रमोत्सव का मुख्य समापन समारोह 19 मार्च को शाम 7 बजे शिप्रा नदी के किनारे होगा। इस फंक्शन में सम्राट विक्रमादित्य सहकार की प्रेजेंटेशन और विक्रम पंचांग 2082-83 और आर्ष भारत के दूसरे एडिशन का विमोचन शामिल होगा। जाने-माने आर्टिस्ट मोहित चौहान, सुनिधि चौहान और शंकर महादेवन म्यूजिकल प्रोग्राम पेश करेंगे। रामघाट पर एक बड़ी आतिशबाजी भी होगी।
पुराण डेस्क