सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार तक क्यों टाली सुनवाई? निचली अदालत में दाखिल हुई सर्वे रिपोर्ट


स्टोरी हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस मामले में वाराणसी लोअर कोर्ट कल तक कोई आदेश नहीं जारी करेगी. सुप्रीम कोर्ट में इस केस में शुक्रवार दोपहर 3 बजे फिर सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच में 11 बजे सुनवाई शुरू हुई और 11:05 तक चली..!

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है। अदालत ने वाराणसी की अदालत को कल तक मामले में कोई आदेश जारी नहीं करने का भी निर्देश दिया। हिंदू पक्ष ने आज सुप्रीम कोर्ट से मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित करने को कहा था। अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा कि मुख्य अधिवक्ता हरिशंकर जैन के पिता की तबियत अचानक ख़राब हों गई थी इसलिए सुनवाई कल तक के लिए स्थगित कर दी जानी चाहिए।

मुस्लिम पक्ष का दावा-

हालांकि मुस्लिम पार्टी की ओर से हुसैन अहमदी ने कहा कि इस मामले को लेकर अन्य जगहों पर भी इसी तरह के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे में हम मांग करते हैं कि मामले की सुनवाई में देरी न की जाए। वाराणसी की अदालत में आज एक याचिका दायर कर मस्जिद की दीवार गिराने की मांग की गई है। चूंकि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही जारी है, हमें डर है कि निचली अदालत इस संबंध में आदेश जारी कर सकता है। लेकिन कोर्ट ने अब इस मामले में फ़िलहाल कल तक के लिए रोक लग दी है।

सुनवाई कल दोपहर 3 बजे तक के लिए निर्धारित-

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने पूरे मामले की सुनवाई की और निचली अदालत की कार्यवाही पर कल तक के लिए रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई भी कल तक के लिए टाल दी गई है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई अब कल दोपहर 3 बजे होगी। फैसले के बाद, हिंदू पक्ष ने कहा कि वह कल तक ट्रायल कोर्ट के साथ आगे नहीं बढ़ेगा।

मंगलवार को ज्ञानवापी मस्जिद मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने वाराणसी के डीएम को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि जिस स्थान पर शिवलिंग कथित रूप से मिला था उसे संरक्षित किया जाए। लेकिन ऐसा करते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि मुस्लिम समुदाय के इबादत के अधिकार का हनन न हो।

मुस्लिम पक्ष का दावा है कि वास्तव में जहां शिवलिंग के होने का दावा किया जाता है, वह एक झील है, जिसमें वह फुब्बारा है, जिसका उपयोग मस्जिद में वुज़ू के लिए आने वाले लोगों द्वारा किया जाता था। जानकारी के अनुसार, कोर्ट में अब तक इस मामले पर तीन याचिका दायर की गई है। दोनों ही कोर्ट कमिश्नरों ने अपनी सर्वे रिपोर्ट वाराणसी कोर्ट में दाखिल कर दी है, साथ ही सर्वे टीम से हटाये गए कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा ने भी अपनी रिपोर्ट दाख़िल की। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद वाराणसी कोर्ट में कल 3 बजे के बाद सुनवाई होगी।