अम्बाड़े रिटायरमेंट के पूर्व दिलीप कुमार को दे गये क्लीन चिट


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स्टोरी हाइलाइट्स

अब दिलीप कुमार को उनकी रुकी परिलब्धिया जिसमें ग्रेच्यटी भी शामिल है, मिल सकेगी..!!

भोपाल: गत 28 फरवरी को वन बल प्रमुख के पद से रिटायर होने के पूर्व विजय अम्बाड़े रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी दिलीप कुमार को क्लीन चिट दे गये हैं। इससे अब दिलीप कुमार को उनकी रुकी परिलब्धिया जिसमें ग्रेच्यटी भी शामिल है, मिल सकेगी।

उल्लेखनीय है कि वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ रहने के दौरान पीसीसीएफ दिलीप कुमार को रिटायरमेंट से ठीक पहले विभागीय अनुमति के बिना सरकारी खर्च पर पुस्तकें प्रकाशित कराने संबंधी आरोप-पत्र जारी किया गया था। यह आरोप-पत्र 31 जुलाई 2024 को दिलीप कुमार के रिटायरमेंट होने से मात्र छह दिन पहले जारी किया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने 2022-23 में राज्य लघु वनोपज संघ में अतिरिक्त प्रबंध संचालक के पद पर रहते हुए शासन की अनुमति के बिना तीन पुस्तकें लिखीं और उन्हें सरकारी खर्च पर प्रकाशित करवाया। 

इन पुस्तकों के प्रकाशन में सरकारी खजाने से करीब 22 लाख रुपये खर्च किए गए थे और उनका कॉपीराइट भी उन्हीं के पास था। इस मामले को एक कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में भी उठाया था। राज्य शासन को दिलीप कुमार ने आरोप-पत्र का जवाब दे दिया था जिसमें उन्होंने सभी आरोप नकारे थे। 

राज्य शासन ने इस पर वन बल प्रमुख से अभिमत मांगा जिस पर लम्बे समय तक तो कार्यवाही नहीं हुई परन्तु विजय अम्बाड़े ने वन बल प्रमुख पद से रिटायर होने के पहले ही राज्य शासन को भेजे अपने अभिमत में दिलीप कुमार को क्लीन चिट दे दी जिसमें उन्होंने लिख दिया कि आरोप-पत्र नहीं बनता है। अब राज्य शासन इसी अभिमत के आधार पर दिलीप कुमार का आरोप-पत्र खत्म करेगी जिससे उनकी रुकी परिलब्धिया उन्हें मिल सकेंगी। यह क्लीन चिट देने में पौने दो साल लग गये।