अध्यात्म क्या है?

अध्यात्म क्या है?

पूरी दुनिया में आज अध्यात्म की बहुत चर्चा है| भौतिक सुख-सुविधाओं से आत्म-तृप्ति पाने में नाकाम इंसान किसी ऐसे मार्ग बहुत शिद्दत से तलाश कर रहा है, जिससे उसे स्थायी तृप्ति और आनंद प्राप्त हो सके| ऐसे में उसे अध्यात्म ही बेहतर मार्ग दिखाई दे रहा है| लोग बहुत तेजी से अध्यात्म की ओर मुड़ रहे हैं| आइए, जानते हैं कि पूरी दुनिया को अपनी तरफ तेजी से खींचने वाला अध्यात्म क्या है? न्यूज़ पुराण एक कोशिश है आध्यात्म के हर पहलू को आपके सामने लाने की |

हमारी आँखों को जो भी दिखायी देता है या जो कुछ भी अभिव्यक्त है, उसके पीछे क्या है? हमारी आँख्ने किस कारण से देख पा रही हैं? कान किस शक्ति से सुन पा रहे हैं, शरीर के सारे अंग किस चेतना से संचालित हैं? वह कौन सा तत्व है जिसके नहीं रहने पर हमारा शरीर मात्र मिट्टी बन कर रह जाता है और हमारे अपने प्रियजन इसे जल्दी से जल्दी आग या मिट्टी के हवाले करने कि कोशिश करते हैं? स्थूल के पीछे सूक्ष्म क्या है? दृश्य के पीछे अदृश्य क्या है? व्यक्त के पीछे अव्यक्त क्या है? पल-पल बदलते दृश्य में क्या कुछ ऐसा भी है जो नहीं बदल रहा? हर एक चीज का हर पल क्षरण हो रहा है और उसका एक न एक दिन अंत होना हा, लेकिन क्या कुछ ऐसा भी है, जिसका न तो क्षरण हो रहा और न जिसकी मृत्यु होगी?

इन प्रश्नों की तलाश से ही अध्यात्म शुरू होता है| इन्ही प्रश्नों का हल खोजते हए मानव आध्यात्मिक भावभूमि में प्रवेश कर जाता है|  श्रीमदभगवतगीता में श्रीकृष्ण ने अध्यात्म को आत्मा का ज्ञान कहा है| महाभारत के शान्ति पर्व में युधिष्ठिर द्वारा अध्यात्म का अर्थ पूछे जाने पर भीष्म ने भी यही कहा कि अध्यात्म का अर्थ है अपने भीतर चेतन तत्व को जानना|

इसी आध्यात्मिक खोज में ऋषियों द्वारा ध्यान, प्राणायाम, योग, तंत्र, सहित अनेक साधना पद्धतियों का विकास किया गया|

अध्यात्म या आत्मतत्व को समझकर दुनिया में कुछ भी समझना बाकी नहीं रह जाता| इस शाश्वत तत्व का ज्ञान होने पर इंसान हमेशा के लिए शोक और संताप से मुक्त हो जाता है|

अध्यात्म की गहरी समझ और अनुभूति हो जाने पर मनुष्य सम्पूर्ण जगत में स्वयं को और स्वयं को सम्पूर्ण सृष्टि को देखने लगता है| उसे जड़-चेतन और हर जीव में एक ही चेतना के दर्शन होते हैं| द्वेत भाव समाप्त हो जाता है| उसके लिए कोई पराया नहीं रहता| सच पूछिए तो आज भौतिकता से दग्ध मानवीयता को शान्ति और आत्म-तृप्ति केवल अध्यात्म से ही मिल सकती है|

न्यूज़ पुराण के इस भाग में अध्यात्म के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक सामग्री को प्रस्तुत किया जा रहा है| आपके सुझावों और प्रतिक्रियाओं का स्वागत है|

अध्यात्म क्या है?

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