World Radio Day 2026: वर्ल्ड रेडियो डे हर साल 13 फरवरी को मनाया जाता है। रेडियो को दुनिया के सबसे तेज़ कम्युनिकेशन मीडियम में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि स्क्रीन एज के आने से पहले, रेडियो एक भरोसेमंद आवाज़ थी जिसने दूर- दराज के इलाकों, अलग-अलग भाषाओं और अनगिनत जिंदगियों में एक अनदेखा धागा बुना था। इसने न सिर्फ़ लोगों को जोड़ा बल्कि उन्हें एक साझा अनुभव का हिस्सा भी बनाया।
विश्व रेडियो दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो की अमिट भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर रेडियो को ‘विश्वसनीय आवाज’ करार देते हुए कहा कि यह दूरस्थ ग्रामीण इलाकों से लेकर चहल-पहल वाले शहरों तक सभी को जोड़ता है।
पीएम मोदी ने लिखा, ‘यह दिन एक ऐसे माध्यम का उत्सव है जो वर्षों से समयानुकूल सूचनाएं देता आया है, प्रतिभाओं को तराशता रहा है और रचनात्मकता को बढ़ावा देता रहा है। इस माध्यम से जुड़े सभी लोगों के योगदान को सलाम करने का दिन।’
अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह रेडियो के जरिए नागरिकों से सीधा संवाद का अनोखा प्लेटफॉर्म बन चुका है। ‘इसके माध्यम से मैंने रेडियो की उस ताकत को महसूस किया है जो समाज की शक्ति को सामने लाती है। इस महीने का कार्यक्रम 22 फरवरी को प्रसारित होगा। अपने सुझाव जरूर भेजें।’
तकनीकी प्रगति और डिजिटल युग में भी रेडियो ने अपनी प्रासंगिकता कायम रखी है। यह नए इंटरैक्टिव तरीकों से श्रोताओं को जोड़ रहा है।
भारत में ऑल इंडिया रेडियो (एआईआर) दुनिया के सबसे बड़े प्रसारकों में शुमार है। 400 से अधिक स्टेशनों के साथ यह 92 प्रतिशत भू-क्षेत्र और 99.19 प्रतिशत आबादी तक पहुंचता है। 23 भाषाओं व 146 बोलचाल में कार्यक्रम प्रसारित कर देश की विविधता को प्रतिबिंबित करता है।
रेडियो कम लागत वाला शक्तिशाली माध्यम है, जो दूरदराज समुदायों, निरक्षरों, दिव्यांगों, महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग तक आसानी से पहुंच जाता है। पीएम के ये विचार रेडियो की स्थायी महत्ता को रेखांकित करते हैं।
आज भी 14 और 15 अगस्त, 1947 की वह ऐतिहासिक रात इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जब भारत की आज़ादी की घोषणा रेडियो तरंगों पर गूंजी थी (World Radio Day 2026 History)। गौरतलब है कि भारत में पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन का उद्घाटन 1 फरवरी, 2004 को भारत रत्न श्री लाल कृष्ण आडवाणी ने किया था। वर्ल्ड रेडियो डे पूरे भारत में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
2010 में स्पेन में रेडियो एकेडमी ने वर्ल्ड रेडियो डे मनाने का प्रस्ताव रखा था। 2011 में UNESCO के सदस्यों ने इसे मंज़ूरी दी और स्वीकार किया। इसके बाद, 13 फरवरी को वर्ल्ड रेडियो डे घोषित किया गया। यही वजह है कि 13 फरवरी को दुनिया भर में वर्ल्ड रेडियो डे मनाया जाता है। इसका मकसद युवाओं को इसके महत्व और इतिहास से अवगत कराना और आने वाली पीढ़ियों को इसके बारे में जागरूक करना है।
वर्ल्ड रेडियो डे की थीम रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक टूल है, आवाज़ नहीं, जो ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका को दिखाता है।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले राम सिंह बौद्ध को "भारत का रेडियो मैन" कहा जाता है। उन्होंने कुल 1257 रेडियो सेट का कलेक्शन इकट्ठा किया है। उनके अनोखे रेडियो म्यूज़ियम ने उन्हें गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई है।
PIP के मुताबिक, वर्ल्ड रेडियो डे 2026 के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक खास कॉन्फ्रेंस हो रही है। यह प्रोग्राम रायपुर में ऑल इंडिया रेडियो (AIR) सेंटर UNESCO के साथ मिलकर कर रहा है। यह कॉन्फ्रेंस 13 फरवरी, 2026 को सुबह 10:00 बजे होटल बेबीलोन कैपिटल में हो रही है। इस साल की कॉन्फ्रेंस का मेन थीम रेडियो और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। प्रोग्राम में इस बात पर चर्चा होगी कि नई टेक्नोलॉजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रेडियो के क्षेत्र में कैसे मदद कर सकती हैं।
एक्सपर्ट्स बताएंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे न्यूज़, प्रोग्राम और दूसरे कंटेंट प्रोडक्शन को आसान और ज़्यादा असरदार बना सकता है। इसके अलावा, AI रेडियो सुनने वालों की पसंद को समझने और उसके हिसाब से प्रोग्राम बनाने में भी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
पुराण डेस्क