अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 24वां दिन हैं। अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा है कि उनका देश तब तक मिलिट्री ऑपरेशन जारी रखेगा, जब तक ईरान को घुटनों पर नहीं ला दिया जाता। उन्होंने साफ कहा कि इजराइल अब ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता, जो लगातार उसे खत्म करने की बात करता है और मिसाइल हमले कर रहा है।
दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब मैदान में दिया जाएगा। अगर ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा।
ईरान से सीजफायर पर बात करना चाहते हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहती है। इस काम में ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी लगे हुए हैं। यह जानकारी एक्सियोस न्यूज ने दी है। हालांकि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले।
दूसरी तरफ, ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे अभी ईरान की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर मुआवजे की मांग को। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिलहाल नहीं हो रही है। लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश मध्यस्थ का रोल निभा रहे हैं।
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना मिसाइल प्रोग्राम कुछ समय के लिए बंद करे, यूरेनियम एनरिचमेंट रोक दे और अपने परमाणु ठिकानों को भी बंद करे। इसके अलावा, ईरान हिजबुल्लाह और हमास को पैसे देना भी बंद करे।
ईरान कई शहरों में अमेरिका के खिलाफ मार्च निकाला गया
ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। यह जानकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने दी है। रविवार को कर्मन शहर में लोगों ने देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किया। इसी तरह के प्रदर्शन साउथ खोरासान, उर्मिया और अर्दबिल में भी प्रदर्शन हुए।
उग्रवादी ग्रुप की धमकी- अमेरिका 5 दिन में बगदाद दूतावास खाली करे
इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिका ने अपने ठिकानों पर हुए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेना ने अपने डिफेंस सिस्टम उ-फअट की मदद से ड्रोन हमले को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने इराक में ईरान समर्थित हथियारबंद समूहों पर हवाई हमले किए।
पुराण डेस्क