दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे का साइड इफेक्ट, हरिद्वार के होटल खाली, 60% तक गिरा कारोबार


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स्टोरी हाइलाइट्स

ऋषिकेश-मेरठ रूट पर बाहरी गाड़ियों की संख्या आधी रह गई है। इससे ढाबा रेस्तरां वीरान हैं और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है..!!

हरिद्वार: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की शुरूआत ने हरिद्वार के पर्यटन और होटल कारोबार पर संकट खड़ा कर दिया है। नए रूट की वजह से यात्री अब हरिद्वार रुकने के बजाय सीधे देहरादून निकल रहे हैं, जिससे शहर के 40% होटल खाली पड़े हैं। ट्रैवल बिजनेस में भी 60% की भारी गिरावट आई है। ऋषिकेश-मेरठ रूट पर बाहरी गाड़ियों की संख्या आधी रह गई है। इससे ढाबा रेस्तरां वीरान हैं और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

बाईपास हुआ हरिद्वार, 50% ट्रैफिक हुआ डायवर्ट

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने का सबसे बड़ा असर हरिद्वार के ट्रैफिक पर पड़ा है। पहले दिल्ली से आने वाले यात्री हरिद्वार रुकते थे, गंगा स्नान करते थे और फिर आगे की यात्रा पर निकलते थे लेकिन, अब पूरी तरह से तस्वीर बदल गई है। यात्री समय बचाने के चक्कर में हरिद्वार को बाईपास कर सीधे देहरादून और ऋषिकेश का रुख कर रहे हैं। हरिद्वार हाईवे पर करीब 50% ट्रैफिक कम हो गया है। मेरठ से ऋषिकेश तक के हाईवे पर अब बाहरी राज्यों के नंबर वाली गाड़ियां बहुत कम नजर आ रही हैं। 

न बुकिंग न इन्क्वायरी

हरिद्वार शहर के करीब 1200 होटलों में से 40% (लगभग 480 होटल) पूरी तरह खाली पड़े हैं. होटलों के पास न तो एडवांस बुकिंग है और न ही नई इन्क्वारी आ रही है। यह हाल सिर्फ होटलों का ही नहीं, हरिद्वार का ट्रैवल सेक्टर भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हरिद्वार ट्रैवल एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल यात्रा के शुरूआती दिनों में रोजाना 600 से 700 गाड़ियां हरिद्वार से रवाना होती थीं, जो अब घटकर महज 250 से 300 रह गई हैं।