भोपाल: राज्य सरकार ने अपनी नवीन विमानन नीति के तहत प्रदेशभर में नये हेलीपेड बनाने के लिये सभी जिला कलेक्टरों से प्रस्ताव मांग लिये हैं। पांच महानगरों यथा जबलपुर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर एवं उज्जैन में चारों दिशाओं में हेलीपेड बनेंगे जबकि अन्य जिलों की तहसीलों में प्रत्येक पचास किमी के दायरे में भी नये हेलीपेड बनाये जायेंगे।
राज्य के विमानन विभाग ने पांच महानगरों के कलेक्टरों को पत्र जारी कर कहा है कि अतिविशिष्ट व्यक्तियों के भ्रमण के समय उनके आवागमन के दौरान सुरक्षा मानकों की दृष्टि से शहर के यातायात प्रचालन में आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके स्थाई समाधान हेतु शहर की सम्पूर्ण दिशाओं के आवागमन को सम्मिलित करते हुये 3 से 4 हेलीपेड की आवश्यकता है।
हेलीकाप्टर की सुगम/सुरक्षित लैण्डिंग हेतु आदर्श हेलीपेड निर्माण के लिये मापण्डों के अनुरूप उचित स्थान चिन्हित कर विस्तृत कार्य योजना/प्राक्कलन इस विभाग को 15 दिवस के अंदर भेजें। हेलीपेड हेतु उचित स्थान चिहिन्त करते समय शासकीय/निजी सुरक्षित परिसर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, औद्योगिक इकाई आदि, जहां बाउण्ड्री वाल निर्मित हो, ऐसी साइट को प्राथमिकता दी जाये।
इसी प्रकार अन्य जिलों के कलेक्टरों से कहा गया है कि मप्र की नई विमानन नीति, 2025 एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये प्रदेश स्थित नगर पालिका/तहसील मुख्यालय स्तर (50 किमी के दायरे में) पर वहां की आवश्यकता, उपयोगिता एवं व्यवहारिकता आदि का परीक्षण कर कम से कम एक हेलीपेड निर्मित किया जाना है।
यदि वर्तमान में उपयुक्त हेलीपेड निर्मित है, तो उसका पुनरीक्षण करें एवं यदि हेलीपेड निर्मित नहीं है, तो उस स्थिति में नवीन हेलीपेड का निर्माण मापण्डों के अनुसार करने के लिये उचित स्थान चिन्हित कर विस्तृत कार्य योजना/प्राक्कलन इस विभाग को 15 दिवस के अंदर भेजें। उचित स्थान चिहिन्त करते समय शासकीय/निजी सुरक्षित परिसर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, औद्योगिक इकाई आदि, जहां बाउण्ड्री वाल निर्मित हो, ऐसी साइट को प्राथमिकता दी जाये। नये बनने वाले हेलीपेड स्थल पर वेटिंग रुम भी बनेंगे जिसमें जनसुविधायें भी निर्मित होंगी।