भोपाल: राज्य सरकार ने मार्कफेड यानि मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ का राईस मिलों पर नियंत्रण खत्म कर दिया है और सभी जिलों के लिये मप्र नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधकों को अधिकृत अधिकारी घोषित कर दिया है। दरअसल राज्य सरकार ने पांच साल पहले अपने खाद्य विभाग के माध्यम से 23 जून 2021 को मप्र चावल अधिप्राप्ति उद्ग्रहण आदेश 1970 के तहत प्रदेश की राईस मिलर्स के लिये अतिरिक्त निबंधन एवं शर्तों की अधिसूचना जारी की थी जिसमें राईस मिलों पर नियंत्रण रखने के लिये प्रावधान था कि अधिकृत अधिकारी राईस मिलर्स को राज्य की एजेंसी द्वारा धारित धान को किसी विनिर्दिष्ट कालावधि के लिये मिल की मिलिंग क्षमता का न्यूनतम 30 प्रतिशत अनिवार्य मिलिंग का निर्देश दे सकेगा और तीन मामलों में यह अधिकृत अधिकारी इस प्रावधान से छूट भी प्रावधान कर सकेगा-एक, जो राईस मिल उत्पादन निर्यात के लिये करते हैं। दो, जो राईस मिल जो स्वयं के ब्राण्ड जाकि ट्रेड मार्क ऑफ इण्डिया में पंजीकृत हैं, का चावल खुले बाजार में बेचते हैं।
तीन,ऐसी राईस मिल जो किसान से सीधे समर्थन मूल्य से ऊपर में धान का क्रय करती हैं अथवा किसानों को खाद, बीज एवं अन्य तकनीकी सहायता प्रदान करती हैं। पांच साल पहले कुल 31 जिलों के लिये 16 जिलों में मप्र नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधकों तथा शेष 15 जिलों के लिये मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के जिला विपणन अधिकारियों को अधिकृत अधिकारी घोषित किया गया था। लेकिन अब सभी जिलों के लिये मप्र नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधकों को अधिकृत अधिकारी घोषित कर दिया गया है।
डॉ. नवीन आनंद जोशी