MP Weather Update: मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम में काफी उतार-चढाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है। फरवरी में आमतौर पर मौसम गर्म रहता है, लेकिन इस साल ठंड लौट-लौटकर आ रही है। राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और बादलों ने लोगों को हलाकान कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों तक आंधी-तूफान की संभावना है और इस फरवरी का तापमान सात साल में सबसे कम रहा है।
पिछले तीन दिनों से राज्य के कई जिलों में लगातार आंधी-तूफान और बारिश हो रही है। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे हैं, जिससे किसान परेशान हैं। लगातार बदलते मौसम के कारण पूरे राज्य में ठंड का असर बढ़ गया है। 7 साल में फरवरी का सबसे कम तापमान
पिछले दिन हुई बारिश से राजधानी भोपाल में तापमान में गिरावट आई। घने बादल और हल्की बूंदाबांदी से माहौल में ठंडक आ गई। दिन का तापमान गिरकर लगभग 22 डिग्री पर आ गया, जो फरवरी महीने के लिए बहुत कम माना जाता है।
मौसम के जानकारों का कहना है कि इस फरवरी का तापमान पिछले सात सालों में सबसे कम रहा है। मध्य प्रदेश में नमी वाली हवा आने से कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और बारिश हुई है। बादल छंटने के बाद तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट आने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 21 फरवरी को मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिसमें कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। हालांकि, 22, 23 और 24 फरवरी को मौसम फिर बदल सकता है। अगले चार दिनों में आंधी, बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। किसानों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि ओले गिरने से फसल को नुकसान हो सकता है। 20 फरवरी को 17 जिलों में बारिश और तेज हवाएं
20 फरवरी को राज्य के करीब 17 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कई जगहों पर 30-40 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि कुछ इलाकों में 60 kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और सागर संभाग के जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था।
उज्जैन, शाजापुर, देवास, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में भी हल्की बारिश हुई। राहत की बात यह है कि इस बार राज्य के किसी भी जिले में ओले गिरने की पुष्टि नहीं हुई है।
पुराण डेस्क